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Tuesday, January 15, 2019
मैथिली फिल्म 'लव यू दुल्हिन' केर ट्रेलर रिलीज
Thursday, December 27, 2018
मैथिली फिल्म ‘प्रेमक बसात’

प्रेमक बसात फिल्मक सन्दर्भमे कोनो
टिप्पणी करबासँ पूर्व फिल्म निर्माणक समूचा टीमक संग जे सभसँ पहिल वाह निकलैत अछि ओ
निकलैत अछि फिल्मक निर्देशक सह लेखक रूपक शरर आ निर्माता वेदान्त झा केर प्रति जिनक
दृढ़संकल्पता, समर्पणता आ लगनशीलता फिल्मकेँ कतेक हिट करौलक ताहिसँ बेसी महत्त्वपूर्ण
अछि जे कतेक लोककेँ जोड़लनि, जगौलनि आ एकटा अभियानक रूपमे एकरा विस्तार देलनि । फिल्म
पसीन करब नै करब, दर्शक द्वारा हॉल धरि पहुँचब नै पहुँचब दर्शकक मानसिकता आ समय पर
निर्भर करैत छनि मुदा मैथिली फिल्मक प्रचार-प्रसार केर सन्दर्भमे जे कोनो मिथ्याडम्बर
पसरल छल तकर ई लोकनि खंडन जरूर केलनि । सामाजिक सञ्जाल होइक वा जमीनी स्तर पर उतरि
घरे-घर जाक’ लोककेँ जागरूक करबाक परिणाम थिक जे गामसँ ल’ क’ परदेश धरि आइ मैथिली फिल्म
‘प्रेमक बसात’ सभक ठोर पर चढ़ल अछि आ मैथिली फिल्मक इतिहास मे एक महत्त्वपूर्ण कड़ी जोड़बा
लेल तैयार अछि।
२५ दिसम्बर,२०१८ क’ जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय (जेएनयू),दिल्ली केर ‘कला एवं सौंदर्यशास्त्र संस्थान सभागारमे 'जे एम के एंटरटेनमेंट'क बैनरमे बनल मैथिलीक बहुचर्चित फिल्म ‘प्रेमक बसात’ केर स्क्रीनिंग कएल गेल । ज्ञात हो कि एहिसँ पूर्व दिल्ली-एनसीआरक विभिन्न क्षेत्रमे एकर प्रदर्शन सेहो कएल गेल आ तहिना दर्शक दिससँ सेहो फिल्मकेँ नीक रिस्पॉन्स भेटल । जेनाकि अन्यान्य भाषा-भाषी क्षेत्रमे फिल्म निर्माण निरंतरताक संग आगाँ बढि रहल अछि तेहेन सन स्थितिमे स्वाभाविक अछि ओहिसँ सम्बद्ध लोकक वास्ते सुनिश्चित रोजगारक रूपमे एक विकल्प फूजल अछि । मैथिली फिल्म निर्माणक प्रति उदासीनता विभिन्न प्रकारक अवधारणाकेँ जन्म दैत अछि आ तैयो पर ज’ कोनो व्यक्ति एहेन सन दुःसाहस करै छथि त’ हमरा लोकनिकेँ चाही कि ओकरा प्रोत्साहित कएल जाय ।
फिल्मक संदर्भमे किछु महत्त्वपूर्ण बात कहब आवश्यक अछि जेनाकि फिल्मक कथा आ ओकर ताना-बाना बेस प्रभावित केलक । कोनो जाति वा समुदाय विशेष मध्य विभेदीकरणक राजनैतिक दुष्प्रभाव चाहे कतबो होइक मुदा कला आ साहित्य सभदिना एकटा सौहार्द्रपूर्ण वातावरणक निर्माण करैत आबि रहल अछि आ तैं कला आ साहित्यकेँ समाजक दर्पण केर रूपमे सांकेतित कएल जाइत रहल अछि । सामाजिक स्तर पर अस्वीकार्य हिन्नू-मुस्लिम प्रेमक केन्द्रमे नायक-नायिकाकेँ उतारब एकटा चुनौती अछि मुदा से सत्योद्घाटन करैत विषय-वस्तुकेँ सोझा रखैत लेखकक बुधियारी स्पष्ट रूपसँ दृष्टिगोचर होइत अछि ।
रूपक शरर पहिने एक सशक्त अभिनेता छथि तखन लेखक वा निर्देशक तैं कोन कलाकारसँ केहेन काज लेल जेबाक चाही से नीक जेंका जनैत छथि आ एकटा निर्देशकक रूपमे सफल भेल छथि । एकटा लेखकक रूपमे मारिते रास त्रुटि सभ सोझा अबैत अछि मुदा नीक गप्प ई जे ताहिसँ फिल्मक प्रस्तुतिमे कतौ बाधा नै अबैत अछि अपितु आगाँ हिनकासँ असीम संभावनाक प्रति आश्वस्त होइत छी । हिनक शालीनता आ कर्मठताक सभसँ पैघ उदाहरण जे ई प्रत्येक बातकेँ स्वीकारबाक क्षमता रखैत छथि आ भविष्य मे कोनो सुधार हेतु साकांक्ष देखल जाइत छथि तैं एहने सकारात्मक व्यक्तिसँ आशा आ अपेक्षा सेहो कएल जा सकैछ ।
फिल्मक लोकेशन, कैमरा, कोरियोग्राफी, गीत, संगीत, गायन, सम्पादन, वस्त्र विन्यास, साज-सज्जा आ अन्य तकनीकी पक्ष पर सेहो खूब काज कएल गेल अछि । मुख्य अभिनेताक रूपमे पीयूष कर्णक अभिनय सराहनीय अछि ख़ासक’ हिनक दोसर बेरुक उपस्थिति डॉक्टर सलीम केर किरदारमे भाव-भंगिमा बेस प्रभावित केलक । अभिनेत्री रैना बनर्जी (माहिरा) शुरूसँ अंत धरि अपन टोन कायम रखबामे सफल भेलीह अछि । महिरा केर शौहर रहमान केर रूपमे जीतू सम्राट समूचा फिल्ममे एक फराक छविक निर्माण करैत छथि । शरत सोनू माहिरा केर भाइ तस्लीमक किरदारमे एकटा सशक्त,अनुभवी आ परिपक्व अभिनेताक रूपमे देखल गेलाह । तस्लीमक पत्नीक किरदारमे मरियम (आरती शंकर मिश्रा) सेहो कतौ ओवरटोन नै भेल छथि । गोविन्द पाठक (भगत जी)क उपस्थिति मात्र फिल्मक रोचकता बना रखबामे सफल भेल अछि । नायकक तीन गोट लंगोटिया संगी सेहो एक-दोसरा संग ट्यून बनेबामे सफल भेल छथि । आशुतोष सागर कम दृश्यमे नीक काज केने छथि । निःसंदेह सहयोगी मुदा महत्त्वपूर्ण कलाकारक रूपमे मोना रे, एस सी मिश्रा,कल्पना मिश्रा, राजेन्द्र कर्ण, प्रज्ञा झा, शैल झा, प्रेम नाथ झा, राकेश त्रिपाठी , राजीव झा, आकाश दीप, अनुराग कपूर, कुणाल ठाकुर, भारतीश झा, मनीष झा, सुशोभित झा आदिक अभिनय सराहनीय अछि ।
फिल्मक संगीत पक्ष बेस मजगूत अछि
जकर आनन्द डॉल्बी डिजिटल हॉलमे बैसिक’ लेल जा सकैछ । जेनाकि तोची रैना केर स्वरमे गाओल
गीत “आस पुरा दिय’ मौला” आ आदित्य नारायण केर गाओल गीत “अहाँ जे एलौं त” मैथिली फ़िल्ममे
पहिल बेर प्रयोग कएल गेल अछि त’ एतबा गप आत्मविश्वासक संग कहल जा सकैछ जे सावनी मुद्गल
केर स्वरमे “नयन अटकल अहींक नयनमे”, प्रवेश मल्लिक आ नेहा प्रियदर्शिनी केर स्वरमे
“ललमुनियाँ के ताड़ी”, सुनील मल्लिकक स्वरमे “ई झूठक दुनियाँ” सेहो ओहि गीत सभसँ कतौ
उन्नैस नै भेल अछि । निःसंदेह गीतकेँ कर्णप्रिय बनेबामे सरोज सुमन, प्रवेश मल्लिक आ
एस कुमार केर संगीत संग सरल,सहज आ सुन्दर शब्दक प्रयोग करैत सारिका कुमार, अयोध्यानाथ
चौधरी, शेखर अस्तित्व, प्रवेश मल्लिक आदिक गीत लेखन सेहो ततबे प्रशंसनीय अछि ।
एकटा सामान्य दर्शकक रूपमे ई फिल्म बेस पसीन पड़ल । जे कोनो कमजोर पक्ष सोझा आएल अछि ताहि लेल आगाँ सुधारात्मक प्रयास कएल जा सकैछ मुदा फिल्म प्रभावित नै भेल अछि आ निर्माणक प्रसंशा मुक्त कंठसँ कएल जा सकैछ । समीक्षक लोकनिक विचार फराक भ’ सकैत छनि । मैथिली फिल्मक गुणवत्ता वा तुलनात्मक दृष्टिकोण आएब आवश्यक मुदा एखन से बेर नै आएल अछि कारण जा धरि संख्यात्मक वृद्धि नै हएत तुलना करब मोसकिल हएत । फिल्मक गुणवत्ता हेतु सभसँ आवश्यक आ महत्त्वपूर्ण अछि प्रोफेशनल कलाकारक चयन , तकनीकी टीम, संगीत, लेखन, निर्देशन आदि जेकि गानल-गूथल फिल्म मात्रमे देखल जा सकैछ अन्यथा यू-ट्यूब हिट करेबा लेल मारिते रास फिल्म उपलब्ध अछि जकर स्तरहीनता केर आधार पर मैथिली फिल्म उद्योग स्थापित करबाक सपना साकार हएब असम्भव अछि । ई फिल्म ओहि तमाम अवधारणा केँ खंडित करैत ताहि सभसँ कएक डेग आगाँ बढि प्रोफेशनल ढ़ंगसँ काज करबामे सफल भेल अछि आ मैथिली फिल्मक दशा-दिशा निर्धारण मे महत्त्वपूर्ण भूमिका निमाहत ततबा आश्वस्त छी ।
Wednesday, December 05, 2018
दिल्लीमे बहत प्रेमक बसात
Tuesday, October 30, 2018
मैथिली फ़िल्म 'प्रेमक बसात'क प्रदर्शन ०२ नवम्बर,२०१८ सँ
Sunday, October 15, 2017
नव आस, नव विश्वास नेने आबि रहल अछि फिल्म 'प्रेमक बसात'
Sunday, October 12, 2014
फिल्म "हाफ-मर्डर" केर स्क्रीनिंग शो
नवनिर्मित प्रदर्शनार्थ
मैथिली फिल्म “हाफ़-मर्डर” एखन बेस चर्चामे अछि जकर किछुए दिन पूर्व दिल्ली आ पटना
मने दू ठाम स्क्रीनिंग शो केर सेहो सफल आयोजन कएल गेल । फिल्मक सम्पूर्ण टीम दुर्गापूजाक
अवसर पर मिथिलाक बेसी-स’-बेसी गाम धरि पहुँच एकर प्रचार-प्रसारमे सेहो बेस मेहनैत केलनि
अछि । किछुए दिन पूर्व साईंचरण इंटरटेनमेंट केर कार्यालयमे जा गीतक सीडी अनबाक अवसर
भेटल छल मुदा फिल्म देखबाक इच्छा तीव्र रहितो गोपनीयता के धेआनमे रखैत चर्चा करब उचित
नैं बुझाएल छल । दिल्लीमे स्क्रीनिंग शो केर अवसर पर मंच सञ्चालन केर जिम्मा हमरे सौंपल
गेल छल जाहि लेल सम्पूर्ण “हाफ़-मर्डर” टीम संग फिल्मक निर्माता-निर्देशक श्री रमानाथ
झा, सह-निर्माता श्री आदित्य मिश्रा, अभिनेता श्री सागर झा आ कार्यक्रमक संयोजक समाजसेवी
श्री विभय कुमार झाकें प्रति आभार व्यक्त करै छियनि । मंच सञ्चालन स’ बेसी उत्सुकता
छल फिल्म देखबाक जे आखिर कोन एहेन घटना पर आधारित ई फिल्म अछि जे एत्तेक बेसी चर्चामे
अछि ।
दर्शक दीर्घामे बैसल कला क्षेत्रक किछु महारथी जेनाकि- श्री संजय सिंह (अभिनेता,हिन्दी फिल्म जगत), श्री प्रकाश झा (अभिनेता आ निदेशक, मैलोरंग), श्री शुभनारायण झा (वरिष्ठ अभिनेता, रंगमंच आ सिनेमा), श्री मनोज पाण्डे (अभिनेता, मैलोरंग) आदि लोकनिक संग बैसि चितपित मारिक’ सम्पूर्ण फिल्मक एक-एक दृश्यकें आनंद उठाओल आ स्वाभाविक छै जे जहन एक्कहि विधा स’ सम्बंधित लोक एक ठाम बैसता त’ नीक-बेजाए सभ प्रकारक कनफुसकी होइत छैक मुदा निष्कर्षतः इएह देखल गेल जे तकनीकी रूप स’ फिल्म सुव्यवस्थित रूप स’ बनल अछि जाहिमे निर्देशन,अभिनय,नृत्य,गीत,संगीत,गायन,कैमरा,सम्पादन,साज-सज्जा,वस्त्र-विन्यास आदि पारखी आ अनुभवी लोकक हाथमे सौंपल गेल छल आ सभ गोटे अपन-अपन कार्यक सम्पादन पूर्ण इमानदारी स’ केने छथि ।
फिल्मक कथाक आधार अपरिपक्व उमेरमे कएल गेल प्रेमक दुष्परिणाम मने स्कूली छात्र-छात्राक प्रेम प्रसंग पर आधारित अछि । एहेन प्रेम-प्रसंग समूचा देशमे कत्तेको होइछ मुदा तकर परिणाम एतेक दुर्भाग्यपूर्ण नैं होइछ जेनाकि प्रशांत-प्रीति प्रकरण एकटा पैघ मुद्दा बनि गेल छल । एकटा अज्ञात लहास के ल’ क’ प्रशासन स’ टकराव सन विषम परिस्थिति, कत्तेको घर सुड्डाह भ’ गेल, कतेको निर्दोष मारल गेल, कतेको थाना आ पुलिस चौकी उजारल गेल । की ताहि स’ एकर निराकरण भ’ गेल ? निराकरण त’ नैं भेल मुदा राजनीतिकरण सफल रहल आखिर कियैक ? जखन मिथिलाक गामक गाम एहि घटना स’ अचम्भित छल तखन समाचार पत्रकें वास्ते कवर न्यूज बनल, टीवी चैनल वास्ते ब्रेकिंग न्यूज आ समूचा देशवासी वास्ते एकटा रोचक समाचार बनि गेल छल । सम्पूर्ण घटना के आधार स्तम्भ रखैत आ किछु नव-नव विषय वस्तु के प्रयोग करैत एक व्यावसायिक रूप देबामे समर्थ एहि फिल्मकें देखबा लेल अहूँ लोकनिकें शीघ्रातिशीघ्र अवसर भेटत आ जेनाकि साईंचरण इंटरटेनमेंट के आधिकारिक मुखपोथी देबाल स’ घोषणा कएल गेल अछि नजदीकी सिनेमा हॉलमे लागत ३१ अक्टूबर २०१४क’ ।


