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Tuesday, January 15, 2019

मैथिली फिल्म 'लव यू दुल्हिन' केर ट्रेलर रिलीज

१५ जनवरी,२०१९ क' अवसर छल श्री राम जानकी फिल्म्स द्वारा निर्मित आ कुसहा त्रासदी पर आधारित फिल्म 'लव यू दुल्हिन' केर टीजर आ ट्रेलर रिलीज करबाक। दिल्लीक द्वारका (महिला पार्क)मे आयोजित उक्त कार्यक्रमक अवसर पर विशाल संख्या मे भाषाप्रेमी लोकनिक उपस्थिति देखल गेल। टीजर वा ट्रेलर मे फिल्मक संकेत मात्र द्रष्टव्य होइत अछि सएह देखल गेल। मनोरंजनक दृष्टिए फिल्मक ट्रेलर, टीजर वा गीतक जे किछु अंश देखाओल गेल से बेस आकर्षक छल। फिल्मक बहुतो दृश्य एहेन देखल गेल जे भोजपुरी फिल्मक समकक्ष ल' जेबाक प्रयास हेतु सेहो प्रयोग कएल गेल अछि।
फिल्मक जे सभसँ मजगूत पक्ष अछि से अछि सर्वहारा वर्गक मैथिली। भाषाक क्षेत्रीय सीमाकरण केँ तोड़ैत व्यापक रूप देबाक जे प्रयास कएल गेल अछि से सराहनीय अछि। एहि फिल्ममे अभिनय केनिहार बहुतो कलाकार केँ विभिन्न माध्यम सँ अभिनय करैत देखलियनि अछि मुदा एहि बेरुक हुनक उपस्थिति देखि एतबा पूर्ण विश्वासक संग कहल जा सकैछ जे ताहि मामिलामे मनोज श्रीपति केर निर्देशकीय पक्ष काबिल-ए-तारीफ अछि कारण कोन कलाकारक गुण केँ कोन रूपे प्रयोग कएल जाय सएह निकालब वास्तवमे निर्देशकीय गुण होइछ।
विकाश झा बतौर गायकक रूपमे जतबे प्रसिद्धि प्राप्त केलनि अछि आगामी भविष्य मे तेहने चर्चित अभिनेताक रूप मे अपनाकेँ उतारबा लेल मेहनति क' रहलाह अछि से एक बेर सम्पूर्ण फिल्म देखलाक बाद सेहो स्पष्ट भ' जायत। सुर संग्राम फेम प्रसिद्ध गायक आलोक कुमारक भूमिका पूरा स्पष्ट नै भ' पाएल मुदा कम्महि मे हुनक भाव-भंगिमा खासक' नृत्य बेस प्रभावित केलक। निःसंदेह शुभनारायण जी एक अलग मिजाज मे देखना गेलाह। अमिय कश्यप खलनायकक भूमिका मे बेस इमानदारी सँ प्रस्तुत भेलाह अछि।
फिल्मक संगीत पक्ष बेस दमदार अछि। सुधीर झाक गीत लेखन सँ साइते केओ मैथिली संगीतानुरागी अपरिचित हेताह से सुधीर झा फिल्मक माँगक हिसाब सँ गीत लेखन मे सफल भेलाह अछि। एकटा हिन्दी (मुजरा) गीत जे कल्पना पटवारीक गाओल भलेही मैथिली फिल्मक दृश्यक हिसाब सँ उपयोग कएल अछि मुदा सुधीर झाक प्रतिभाकेँ हिन्दी फिल्ममे प्रयोग हेतु दस्तक द' रहल अछि। विकाश झाक स्वर होइन्ह वा देवानन्द केर सुमधुर  स्वर होइन्ह वा पारंपरिक गीत हेतु प्रयोग कएल स्वर मे कविता, मधुलता, मोनी आदि होथि निःसंदेह धनञ्जय मिश्रा सन सूक्ष्म आ पारखी संगीतकारकेँ बेगरता छल एहि फिल्मक संगीत हेतु।
प्रसंगवश किसलय कृष्णक ओ वक्तव्य मोन पड़ि रहल अछि जे सही मायने मे देखल जाय त' "मैथिली फ़िल्म एखन संक्रमण काल सँ गुजरि रहल अछि"। वास्तव मे फिल्मक गुणवत्ताक चर्च तखन करब उचित हएत जखन संख्यात्मक वृद्धि होइक। एहेन संक्रमण काल मे जँ कोनो निर्माता एतबा बजट संग मैथिली फिल्म बनेबाक हिम्मत करै छथि त' निःसंदेह साधुवाद आ प्रशंसाक पात्र छथि। विष्णु पाठक आ रजनीकान्त पाठक सन हिम्मती लोक जा धरि एहेन-एहेन काज नै टेकता मैथिली फिल्मकेँ स्थापित हएब त' दूर निर्माणक कल्पनो करब असंभव अछि।

फिल्मक सम्पूर्ण टीमकेँ फिल्मक सफलताक अग्रिम शुभकामना!

Thursday, December 27, 2018

मैथिली फिल्म ‘प्रेमक बसात’

प्रेमक बसात फिल्मक सन्दर्भमे कोनो टिप्पणी करबासँ पूर्व फिल्म निर्माणक समूचा टीमक संग जे सभसँ पहिल वाह निकलैत अछि ओ निकलैत अछि फिल्मक निर्देशक सह लेखक रूपक शरर आ निर्माता वेदान्त झा केर प्रति जिनक दृढ़संकल्पता, समर्पणता आ लगनशीलता फिल्मकेँ कतेक हिट करौलक ताहिसँ बेसी महत्त्वपूर्ण अछि जे कतेक लोककेँ जोड़लनि, जगौलनि आ एकटा अभियानक रूपमे एकरा विस्तार देलनि । फिल्म पसीन करब नै करब, दर्शक द्वारा हॉल धरि पहुँचब नै पहुँचब दर्शकक मानसिकता आ समय पर निर्भर करैत छनि मुदा मैथिली फिल्मक प्रचार-प्रसार केर सन्दर्भमे जे कोनो मिथ्याडम्बर पसरल छल तकर ई लोकनि खंडन जरूर केलनि । सामाजिक सञ्जाल होइक वा जमीनी स्तर पर उतरि घरे-घर जाक’ लोककेँ जागरूक करबाक परिणाम थिक जे गामसँ ल’ क’ परदेश धरि आइ मैथिली फिल्म ‘प्रेमक बसात’ सभक ठोर पर चढ़ल अछि आ मैथिली फिल्मक इतिहास मे एक महत्त्वपूर्ण कड़ी जोड़बा लेल तैयार अछि।

२५ दिसम्बर,२०१८ क’ जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय (जेएनयू),दिल्ली केर ‘कला एवं सौंदर्यशास्त्र संस्थान सभागारमे 'जे एम के एंटरटेनमेंट'क बैनरमे बनल मैथिलीक बहुचर्चित फिल्म ‘प्रेमक बसात’ केर स्क्रीनिंग कएल गेल । ज्ञात हो कि एहिसँ पूर्व दिल्ली-एनसीआरक विभिन्न क्षेत्रमे एकर प्रदर्शन सेहो कएल गेल आ तहिना दर्शक दिससँ सेहो फिल्मकेँ नीक रिस्पॉन्स भेटल । जेनाकि अन्यान्य भाषा-भाषी क्षेत्रमे फिल्म निर्माण निरंतरताक संग आगाँ बढि रहल अछि तेहेन सन स्थितिमे स्वाभाविक अछि ओहिसँ सम्बद्ध लोकक वास्ते सुनिश्चित रोजगारक रूपमे एक विकल्प फूजल अछि । मैथिली फिल्म निर्माणक प्रति उदासीनता विभिन्न प्रकारक अवधारणाकेँ जन्म दैत अछि आ तैयो पर ज’ कोनो व्यक्ति एहेन सन दुःसाहस करै छथि त’ हमरा लोकनिकेँ चाही कि ओकरा प्रोत्साहित कएल जाय ।

फिल्मक संदर्भमे किछु महत्त्वपूर्ण बात कहब आवश्यक अछि जेनाकि फिल्मक कथा आ ओकर ताना-बाना बेस प्रभावित केलक । कोनो जाति वा समुदाय विशेष मध्य विभेदीकरणक राजनैतिक दुष्प्रभाव चाहे कतबो होइक मुदा कला आ साहित्य सभदिना एकटा सौहार्द्रपूर्ण वातावरणक निर्माण करैत आबि रहल अछि आ तैं कला आ साहित्यकेँ समाजक दर्पण केर रूपमे सांकेतित कएल जाइत रहल अछि । सामाजिक स्तर पर अस्वीकार्य हिन्नू-मुस्लिम प्रेमक केन्द्रमे नायक-नायिकाकेँ उतारब एकटा चुनौती अछि मुदा से सत्योद्घाटन करैत विषय-वस्तुकेँ सोझा रखैत लेखकक बुधियारी स्पष्ट रूपसँ दृष्टिगोचर होइत अछि ।

रूपक शरर पहिने एक सशक्त अभिनेता छथि तखन लेखक वा निर्देशक तैं कोन कलाकारसँ केहेन काज लेल जेबाक चाही से नीक जेंका जनैत छथि आ एकटा निर्देशकक रूपमे सफल भेल छथि । एकटा लेखकक रूपमे मारिते रास त्रुटि सभ सोझा अबैत अछि मुदा नीक गप्प ई जे ताहिसँ फिल्मक प्रस्तुतिमे कतौ बाधा नै अबैत अछि अपितु आगाँ हिनकासँ असीम संभावनाक प्रति आश्वस्त होइत छी । हिनक शालीनता आ कर्मठताक सभसँ पैघ उदाहरण जे ई प्रत्येक बातकेँ स्वीकारबाक क्षमता रखैत छथि आ भविष्य मे कोनो सुधार हेतु साकांक्ष देखल जाइत छथि तैं एहने सकारात्मक व्यक्तिसँ आशा आ अपेक्षा सेहो कएल जा सकैछ ।

फिल्मक लोकेशन, कैमरा, कोरियोग्राफी, गीत, संगीत, गायन, सम्पादन, वस्त्र विन्यास, साज-सज्जा आ अन्य तकनीकी पक्ष पर सेहो खूब काज कएल गेल अछि । मुख्य अभिनेताक रूपमे पीयूष कर्णक अभिनय सराहनीय अछि ख़ासक’ हिनक दोसर बेरुक उपस्थिति डॉक्टर सलीम केर किरदारमे भाव-भंगिमा बेस प्रभावित केलक । अभिनेत्री रैना बनर्जी (माहिरा) शुरूसँ अंत धरि अपन टोन कायम रखबामे सफल भेलीह अछि । महिरा केर शौहर रहमान केर रूपमे जीतू सम्राट समूचा फिल्ममे एक फराक छविक निर्माण करैत छथि । शरत सोनू माहिरा केर भाइ तस्लीमक किरदारमे एकटा सशक्त,अनुभवी आ परिपक्व अभिनेताक रूपमे देखल गेलाह । तस्लीमक पत्नीक किरदारमे मरियम (आरती शंकर मिश्रा) सेहो कतौ ओवरटोन नै भेल छथि । गोविन्द पाठक (भगत जी)क उपस्थिति मात्र फिल्मक रोचकता बना रखबामे सफल भेल अछि । नायकक तीन गोट लंगोटिया संगी सेहो एक-दोसरा संग ट्यून बनेबामे सफल भेल छथि । आशुतोष सागर कम दृश्यमे नीक काज केने छथि । निःसंदेह सहयोगी मुदा महत्त्वपूर्ण कलाकारक रूपमे मोना रे, एस सी मिश्रा,कल्पना मिश्रा, राजेन्द्र कर्ण, प्रज्ञा झा, शैल झा, प्रेम नाथ झा, राकेश त्रिपाठी , राजीव झा, आकाश दीप, अनुराग कपूर, कुणाल ठाकुर, भारतीश झा, मनीष झा, सुशोभित झा आदिक अभिनय सराहनीय अछि ।

 

फिल्मक संगीत पक्ष बेस मजगूत अछि जकर आनन्द डॉल्बी डिजिटल हॉलमे बैसिक’ लेल जा सकैछ । जेनाकि तोची रैना केर स्वरमे गाओल गीत “आस पुरा दिय’ मौला” आ आदित्य नारायण केर गाओल गीत “अहाँ जे एलौं त” मैथिली फ़िल्ममे पहिल बेर प्रयोग कएल गेल अछि त’ एतबा गप आत्मविश्वासक संग कहल जा सकैछ जे सावनी मुद्गल केर स्वरमे “नयन अटकल अहींक नयनमे”, प्रवेश मल्लिक आ नेहा प्रियदर्शिनी केर स्वरमे “ललमुनियाँ के ताड़ी”, सुनील मल्लिकक स्वरमे “ई झूठक दुनियाँ” सेहो ओहि गीत सभसँ कतौ उन्नैस नै भेल अछि । निःसंदेह गीतकेँ कर्णप्रिय बनेबामे सरोज सुमन, प्रवेश मल्लिक आ एस कुमार केर संगीत संग सरल,सहज आ सुन्दर शब्दक प्रयोग करैत सारिका कुमार, अयोध्यानाथ चौधरी, शेखर अस्तित्व, प्रवेश मल्लिक आदिक गीत लेखन सेहो ततबे प्रशंसनीय अछि ।    

एकटा सामान्य दर्शकक रूपमे ई फिल्म बेस पसीन पड़ल । जे कोनो कमजोर पक्ष सोझा आएल अछि ताहि लेल आगाँ सुधारात्मक प्रयास कएल जा सकैछ मुदा फिल्म प्रभावित नै भेल अछि आ निर्माणक प्रसंशा मुक्त कंठसँ कएल जा सकैछ । समीक्षक लोकनिक विचार फराक भ’ सकैत छनि । मैथिली फिल्मक गुणवत्ता वा तुलनात्मक दृष्टिकोण आएब आवश्यक मुदा एखन से बेर नै आएल अछि कारण जा धरि संख्यात्मक वृद्धि नै हएत तुलना करब मोसकिल हएत । फिल्मक गुणवत्ता हेतु सभसँ आवश्यक आ महत्त्वपूर्ण अछि प्रोफेशनल कलाकारक चयन , तकनीकी टीम, संगीत, लेखन, निर्देशन आदि जेकि गानल-गूथल फिल्म मात्रमे देखल जा सकैछ अन्यथा यू-ट्यूब हिट करेबा लेल मारिते रास फिल्म उपलब्ध अछि जकर स्तरहीनता केर आधार पर मैथिली फिल्म उद्योग स्थापित करबाक सपना साकार हएब असम्भव अछि । ई फिल्म ओहि तमाम अवधारणा केँ खंडित करैत ताहि सभसँ कएक डेग आगाँ बढि प्रोफेशनल ढ़ंगसँ काज करबामे सफल भेल अछि आ मैथिली फिल्मक दशा-दिशा निर्धारण मे महत्त्वपूर्ण भूमिका निमाहत ततबा आश्वस्त छी ।

Wednesday, December 05, 2018

दिल्लीमे बहत प्रेमक बसात


मैथिली फिल्म 'प्रेमक बसात' केर प्रोमोशन आ प्रदर्शन हेतु फिल्मक लेखक सह निर्देशक श्री रूपक शरर किछु दिन सँ एखन दिल्ली प्रवास मे छथि। कोनो निर्देशक मे एहि प्रकारक जुनून विरले देखल जाइत अछि। भारत होअए वा नेपालीय मिथिला क्षेत्र, दुन्नू ठाम किछु हॉलक उपलब्धता अनुसार फिल्मक यथासंभव प्रदर्शन सेहो भेल। ई लोकनि एत्तेक जल्दी नहि त' हारि मानता आ ने हड़बड़ा क' नोकसानक कोनो रोदन करताह। तखन करताह की? करताह ओएह जे हमरा लोकनि देखि रहल छी आ से थिक हिनका लोकनिक सद्प्रयास। प्रयास की क' रहलाह अछि से सामाजिक सञ्जाल पर सभक सोझा अछि। महानगर मे बसल मैथिल लोकनि धरि फिल्म कोना पहुँचय एखन ताहि लेल मुम्बई आ दिल्ली मे सकारात्मक डेग बढ़ा चुकलाह अछि। रूपक भाइ, वेदांत भाइ आ फिल्मक समस्त टीम अहाँ लोकनिक समर्पणता सँ मैथिली फिल्मक भविष्य एक ने एक दिन अवश्य निर्धारित हेतैक, कारण मेहनति बेकार नै जाइत छैक। सम्भव छैक जे अहाँक मेहनतिक लाभ आगाँ जा क' दोसर लोककेँ भेटनि।

जे मूल बात कहबाक छल अबै छी ताहि पर मने फिल्म प्रदर्शन सम्बन्धी विषय पर। दिनांक ०८ आ ०९ दिसम्बर,२०१८ क' संध्या ०६:०० सँ ०९:०० बजे निम्नलिखित स्थान पर एकर प्रदर्शन हएब सुनिश्चित भेल अछि। जेनाकि दिल्लीमे ई पहिल प्रदर्शन अछि ताहि हिसाबे बेसी सँ बेसी दर्शककेँ एकत्रित हएब आवश्यक अछि। मुख्य उद्देश्य मैथिली फिल्म देखबा लेल लोककेँ जागरूक करबाक अछि। जागरूकताक क्रममे रूपक भाइ दिल्लीक विभिन्न क्षेत्र मे जा-जाक' जन-जन सँ जुड़बाक जे प्रयास क रहलाह अछि से कतौ ने कतौ एकटा सार्थक उमेद सन बुझना जा रहल अछि।

ओना दिल्ली मे एखन मैथिलीक विभिन्न कार्यक्रमक सीजन चरम परम अछि आ अहू दू दिन दिल्ली आ लगीचक किछु क्षेत्र मे विद्यापति स्मृति पर्व समारोहक आयोजन संग-संग दू-दिवसीय विशुद्ध साहित्यिक/सांस्कृतिक कार्यक्रम मलंगिया महोत्सव केर आयोजन सुनिश्चित अछि, तैं सम्भव अछि जे हम व्यक्तिगत स्तर पर शो देखबा सँ वंचित रहब। ओना निर्देशक साहेब गछलनि अछि जे ई दू दिन जँ नीक सहयोग/उपस्थिति रहल त' पुनः शीघ्रहि आर अधिक शो केर प्रदर्शन हएत कारण हमर लक्ष्य अछि जे प्रवासी मैथिल लोकनि उपलब्धताक एहि अवसरक लाभ उठाबथि ताकि हमरो लोकनि आगाँ फेर सँ सिनेमा बनेबाक साहस क' पाबी।

हमर मानब अछि जे बहुतो एहेन लोक छथि जिनका वास्ते उक्त आयोजन सँ बेसी महत्त्वपूर्ण सिनेमा देखब होइत अछि आ सम्भवतः बेसी गोटे सपरिवार कोनो हिन्दी-अंग्रेजी सिनेमा देखबा लेल जाइते रहैत छथि, खासक' हुनका लेल जे एहि बेर अपने सपरिवार निम्नलिखित स्थान आ समय पर पहुँची आ एकटा दर्शकक रूपमे अपन सम्पर्कक लोककेँ सेहो प्रेरित करी। फिल्म निर्माणक बाद दर्शकक रूपमे हमरा लोकनिक सेहो किछु जिम्मेवारी बनैत अछि तकर निर्वहन करी आ तदनुकूल सहयोग करी।

सिनेमा-प्रेमक बसात
राजा राममोहन रॉय मेमोरियल हॉल
(गंधर्व महाविद्यालय केर ठीक सोझा)
विष्णु दिगम्बर मार्ग, आई टी ओ (मेट्रो गेट संख्या-२)

नोट : अग्रिम बुकिंग करेबा लेल अपने लोकनि अभि आनन्द/विपिन झा सँ 8447883467 वा 7532871208 पर संपर्क सेहो क' सकैत छी वा सहूलियतक अनुसार काउंटर पर लेल जा सकैत अछि।

Tuesday, October 30, 2018

मैथिली फ़िल्म 'प्रेमक बसात'क प्रदर्शन ०२ नवम्बर,२०१८ सँ


मैथिली फीचर फिल्म 'प्रेमक बसात' केर निर्माण टीम द्वारा जतबा श्रम करक चाही से पूर्ण इमानदारीक संग केलनि अछि। एतबा प्रोमोशन आ जन-जागरूकताक बावजूदो जँ हमरा लोकनि एक मैथिल दर्शक बनि समर्थन नहि क' पाएब त' फेर मैथिली फिल्म उद्योग आ रोजगार कोना स्थापित भ' सकत। फिल्मक निर्माण आ तकर प्रदर्शन होइत रहला सँ वैश्विक स्तर पर स्थानीय कला-संस्कृति आ भाषाक प्रति लोकक आकर्षण बढ़ैत छैक आ तदनुरूप विस्तार पबैत छैक।

प्रदर्शनक उपरान्त फिल्मक गुणवत्ता पर प्रतिक्रिया सेहो आएब आवश्यक अछि ताकि आर दोसर कोनो फिल्म पूर्ण तकनीकी आ व्यवसायिकता संग निर्मित भ सोझा अबैत रहए आ सुधारक गुंजाइश बनल रहैक।

जँ एकटा दर्शक मात्र बनला सँ हमर कला-संस्कृति आ भाषा संरक्षित आ संवर्द्धित होइत रहए त सहयोग करबा मे कोनो हर्ज नहि।

फिल्मक प्रोमोशन हेतु लेखक सह निर्देशक रूपक शरर, निर्माता वेदांत झा, अभिनेता पीयूष कर्ण, अभिनेत्री रैना बनर्जी ,सह-अभिनेता राजेन्द्र कर्ण आदि केँ जमीनी स्तर पर गाम सँ ल' ' शहर धरिक मेहनति जे सामाजिक सञ्जालक माध्यम सँ सोझा आएल अछि से निःसंदेह हिनका लोकनिक विश्वासक प्रति आश्वस्त करैत अछि।

हिनका लोकनिक एहि विश्वासमे संबलता प्रदान करबा लेल भारत आ नेपालक मैथिल दर्शकगण २ नवम्बर,२०१८ क' पहुँचू अपन निकटस्थ सिनेमा हॉल आ लिय' आनंद एहि चिर प्रतीक्षित फ़िल्मक जकर नाम अछि 'प्रेमक बसात'

दिल्ली वा दिल्ली एनसीआर मे प्रदर्शन हेतु प्रतीक्षारत एक दर्शक फिल्मक अपार सफलताक अगाते शुभकामना प्रेषित करै छी!

Sunday, October 15, 2017

नव आस, नव विश्वास नेने आबि रहल अछि फिल्म 'प्रेमक बसात'

मैथिली फिल्म उद्योग एखन धरि प्रयोग मात्र करैत रहल अछि. बेर आबि गेल अछि जे एकरा व्यावसायिक मान्यता भेटै आ एहि उद्योग सप्रत्यक्ष रूपे जूड़ल कलाकार ओ तकनीकी टीम कें रोजगारक अवसर प्राप्त होइन. मैथिली फिल्म ओ रंगमंचक अभिनेता अनिल मिश्रा एहि संदर्भ मे कएक टा मंच सबाजल छथि जे मैथिली फिल्म उद्योग कें भाइ-भतीजावाद समुक्त रखबाक बेगरता छैक आ तखने जा कई व्यावसायिक रूपे स्थापित हएत. हुनक ई अपील एखन शूटिंग भरहल फिल्म प्रेमक बसातपर लागू होइत नजरि आबि रहल अछि.

फिल्मक निर्माता कुणाल ठाकुर सप्राप्त जानकारी अनुसार एहि फिल्मक यूनिट मे कलाकार सतकनीकी टीम पूर्ण व्यावसायिक अछि आ मैथिली फिल्म उद्योगकें स्थापित करबामे एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निमाहत से आश्वस्त छी. दर्शक मध्य जे मैथिली फिल्मक प्रति उदासीनता अछि ओहि तमाम आवश्यकताकें पूर करबाक प्रयास कएल जा रहल अछि.    

फिल्म प्रेमक बसातकेर निर्माता-वेदान्त झा एवं कुणाल ठाकुर, कथा-पटकथा-संवाद-लेखक एवं निर्देशक-रूपक शरर,अभिनय-पियूष कर्ण,रैना बनर्जी,गोविन्द पाठक,मोना रे,एस.सी.मिश्रा,राकेश,प्रज्ञा झा,शैल झा,कल्पना मिश्रा,संजना,आशुतोष सागर,आकाशदीप,राजीव झा,प्रेम झा,शरद सोनू,नेहा,राकेश त्रिपाठी आदि, संगीत-प्रवेश मल्लिक एवं सरोज सुमन, नृत्य निर्देशन-केदार सुब्बा, कला निर्देशन-प्रेम जी, कैमरा-नरेन्द्र पटेल, निर्माण नियंत्रक-अजीत सिंह, निर्माण प्रबंधन-सिंटू झा, प्रवीण पाठक एवं नवीन झा, मेकअप-पंकज झा एवं आइटम गीत पर नृत्य प्रशिक्षण दरहल छथि गौलौरी महन्था.

एहि फिल्मक निर्माणक विशेषता अछि जे तकनीकी टीमक अधिकाधिक सदस्य हिन्दी फिल्म उद्योगक प्रतिष्ठित नाम छथि आ तहिना हिनका लोकनि द्वारा आधुनिक तकनीकी यंत्रक प्रयोग सेहो कएल जा रहल अछि. तहिना मैथिल कलाकार लोकनि सेहो अपन-अपन विधाक प्रतिभा संपन्न व्यक्तित्व छथि. एहि फिल्मक शूटिंगक लोकेशन समस्तीपुर जिलाक करियन एवं ओकर लग-लगीचकक गाम सभ मे भेल अछि.

Sunday, October 12, 2014

फिल्म "हाफ-मर्डर" केर स्क्रीनिंग शो

नवनिर्मित प्रदर्शनार्थ मैथिली फिल्म “हाफ़-मर्डर” एखन बेस चर्चामे अछि जकर किछुए दिन पूर्व दिल्ली आ पटना मने दू ठाम स्क्रीनिंग शो केर सेहो सफल आयोजन कएल गेल । फिल्मक सम्पूर्ण टीम दुर्गापूजाक अवसर पर मिथिलाक बेसी-स’-बेसी गाम धरि पहुँच एकर प्रचार-प्रसारमे सेहो बेस मेहनैत केलनि अछि । किछुए दिन पूर्व साईंचरण इंटरटेनमेंट केर कार्यालयमे जा गीतक सीडी अनबाक अवसर भेटल छल मुदा फिल्म देखबाक इच्छा तीव्र रहितो गोपनीयता के धेआनमे रखैत चर्चा करब उचित नैं बुझाएल छल । दिल्लीमे स्क्रीनिंग शो केर अवसर पर मंच सञ्चालन केर जिम्मा हमरे सौंपल गेल छल जाहि लेल सम्पूर्ण “हाफ़-मर्डर” टीम संग फिल्मक निर्माता-निर्देशक श्री रमानाथ झा, सह-निर्माता श्री आदित्य मिश्रा, अभिनेता श्री सागर झा आ कार्यक्रमक संयोजक समाजसेवी श्री विभय कुमार झाकें प्रति आभार व्यक्त करै छियनि । मंच सञ्चालन स’ बेसी उत्सुकता छल फिल्म देखबाक जे आखिर कोन एहेन घटना पर आधारित ई फिल्म अछि जे एत्तेक बेसी चर्चामे अछि ।

दर्शक दीर्घामे बैसल कला क्षेत्रक किछु महारथी जेनाकि- श्री संजय सिंह (अभिनेता,हिन्दी फिल्म जगत), श्री प्रकाश झा (अभिनेता आ निदेशक, मैलोरंग), श्री शुभनारायण झा (वरिष्ठ अभिनेता, रंगमंच आ सिनेमा), श्री मनोज पाण्डे (अभिनेता, मैलोरंग) आदि लोकनिक संग बैसि चितपित मारिक’ सम्पूर्ण फिल्मक एक-एक दृश्यकें आनंद उठाओल आ स्वाभाविक छै जे जहन एक्कहि विधा स’ सम्बंधित लोक एक ठाम बैसता त’ नीक-बेजाए सभ प्रकारक कनफुसकी होइत छैक मुदा निष्कर्षतः इएह देखल गेल जे तकनीकी रूप स’ फिल्म सुव्यवस्थित रूप स’ बनल अछि जाहिमे   निर्देशन,अभिनय,नृत्य,गीत,संगीत,गायन,कैमरा,सम्पादन,साज-सज्जा,वस्त्र-विन्यास आदि पारखी आ अनुभवी लोकक हाथमे सौंपल गेल छल आ सभ गोटे अपन-अपन कार्यक सम्पादन पूर्ण इमानदारी स’ केने छथि ।

फिल्मक कथाक आधार अपरिपक्व उमेरमे कएल गेल  प्रेमक दुष्परिणाम मने स्कूली छात्र-छात्राक प्रेम प्रसंग पर आधारित अछि । एहेन प्रेम-प्रसंग समूचा देशमे कत्तेको होइछ मुदा तकर परिणाम एतेक दुर्भाग्यपूर्ण नैं होइछ जेनाकि प्रशांत-प्रीति प्रकरण एकटा पैघ मुद्दा बनि गेल छल । एकटा अज्ञात लहास के ल’ क’ प्रशासन स’ टकराव सन विषम परिस्थिति, कत्तेको घर सुड्डाह भ’ गेल, कतेको निर्दोष मारल गेल, कतेको थाना आ पुलिस चौकी उजारल गेल । की ताहि स’ एकर निराकरण भ’ गेल ? निराकरण त’ नैं भेल मुदा राजनीतिकरण सफल रहल आखिर कियैक ? जखन मिथिलाक गामक गाम एहि घटना स’ अचम्भित छल तखन समाचार पत्रकें वास्ते कवर न्यूज बनल, टीवी चैनल वास्ते ब्रेकिंग न्यूज आ समूचा देशवासी वास्ते एकटा रोचक समाचार बनि गेल छल । सम्पूर्ण घटना के आधार स्तम्भ रखैत आ किछु नव-नव विषय वस्तु के प्रयोग करैत एक व्यावसायिक रूप देबामे समर्थ एहि फिल्मकें देखबा लेल अहूँ लोकनिकें शीघ्रातिशीघ्र अवसर भेटत आ जेनाकि साईंचरण इंटरटेनमेंट के आधिकारिक मुखपोथी देबाल स’ घोषणा कएल गेल अछि नजदीकी सिनेमा हॉलमे लागत ३१ अक्टूबर २०१४क’ ।

Tuesday, July 29, 2014

“हाफ मर्डर” फिल्मक संगीत


चिरप्रतीक्षित मैथिली फिल्म हाफ मर्डरसिनेमा हॉलमे प्रदर्शनार्थ निर्माण भतैयार अछि । जनतब अछि जे सितम्बर महिना धरि दर्शक लोकनिक सोझा आबि जाएत । किछुए दिन पूर्व मिथिलांचलक विभिन्न क्षेत्रमे एहि फिल्मक संगीत केर सीडीक विमोचन औपचारिक रूप सँकएल गेल जेकि आब स्वतंत्र रूप सयत्र-तत्र उपलब्ध अछि । साईंचरण इंटरटेनमेंटकें बैनरमे बनल एहि फिल्ममे आठ गोट गीतक गुंजाइश कएल गेल अछि जकरा संगीतबद्ध केलनि अछि सुनील पवन । १८ जुलाई २०१४ (शुक्रदिन) कसाईंचरण इंटरटेनमेंटकें दिल्ली स्थित कार्यालय जेबाक अवसर भेटल जतय फिल्मक प्रोमोशन समबन्धी बहुते रास गप्प-सप्प आ विचार विमर्श सेहो कएल गेल ।

विचार-विमर्शक उपरान्त फिल्मक निर्माता सँएहि फिल्मक गीत केर सीडी हस्तगत प्राप्त भेल । जिज्ञासावश पहिल बेर तआठो टा गीत एक साधारण श्रोता जेकाँ सुनल मुदा ततेक बेसी कर्णप्रिय लागल जे प्रायः राइत सभोर धरि कम सकम दस बेर तअवस्से सुनने हएब आ गीतक समीक्षात्मक टिप्पणी लिखबाक वास्ते मन उत्साहित होमय लागल । फिल्मक एक-एक गीत मात्र सुनला सफिल्मक दृश्य केर कल्पना कएल जा सकैत अछि तथापि फिल्मक अपन आनंद होइछ आ आशा अछि जे फिल्मों तदनुरुपे बनि सोझा आओत ।

उदित नारायण झा आ कविता कृष्णमूर्तिकें युगल स्वरमे गाओल गीत कियै हँसि-हँसि कनयना ससवाल करै छीबेर-बेर सुनबा लेल बाध्य करैछ कारण एकर गीत, संगीत आ स्वर एहि तीनूक तालमेल प्राकृतिक रूप सएकरा सुन्नर बना प्रस्तुत करैत अछि। निःसंदेह एहेन कर्णप्रिय गीतक रचनाकार छथि आजुक युवा पीढ़ीक आदर्श गीतकार डा॰ चन्द्रमणि झा । बॉलीवुडमे संगीत केर पाठशालाकें नाम सप्रसिद्ध गायक रविन्द्र जैनकें स्वरमे जानि ने केक्कर नजरि लगलैकेर एक-एक शब्द समाजक वर्तमान परिस्थिति सअवगत करबैत प्रस्तुत कएल गेल अछि । मैलोडीकिंग कुमार शानु केर स्वरमे टाइटल गीत केहेन जमाना बदलि गेलइयैअपरिपक्व उमेरमे कएल गेल प्रेम केर दुष्परिणाम आ समाजक विकृत मानसकिता के उजागर करैत अक्षरशः गीतमे समाहित करबाक प्रयास कएल गेल अछि । कविता कृष्णमूर्ति आ सुनील पवन केर युगल स्वरमे गाओल गीत अप्पन सजना पर हमरो गुमानमें प्रेमक मिठास केर अभूतपूर्व आनंदक अनुभूति होइछ । मो. अज़ीज़ आ सुनील पवन केर गाओल फगुआ गीत रंग उड़इयै गुलाल आबि गेल फागुन महिनमाकेर बीच-बीचमे रमानाथ झाक गाओल जोगीरा गीत केर बेस रोचक बनबैछ । बहुमुखी प्रतिभाक धनी गायक विकाश झाक संग राधा पाण्डे आ शैलेश ठाकुरक स्वरमे गाओल गीत नैन सतूँ नैन मिलाबेस सोअदगर लगैछ आ निःसंदेह विकाश झाक गायन शैलीमे ऊर्जा आ राधा पाण्डेक स्वर अदायगी केर समावेश बेस आनन्दित करैछ । मैथिलीक सुप्रसिद्ध गीतकार सियाराम झा सरसकेर कलम सनिकलल माटिक सुगंध जहिया सँधरती रानीके अपन सुन्नर सन स्वर ससुवासित केने छथि मैथिलीक चितपरिचित गायक ज्ञानेश्वर दूबे । मैथिली भाखाक एहि फ़िल्ममे आधुनिकताक प्रयोग करैत एक गोट पाश्चात्य अन्दाज केर गीतक मिश्रण करबाक प्रयासमे स्वयं रमानाथ झाक लिखल गीत कहिया तक अहिना बजाबैत रहूकेर स्वरबद्ध केने छथि हिन्दी फिल्म जगत केर जानल-मानल युवा गायक शान ।

निष्कर्षतः ई कहल जा सकैइयै जे गीत, संगीत आ स्वर तीनू एक सएक उपरा-उपरी आ मैथिली फिल्ममे एहेन प्रयोग नीक संकेत आ सनेश देइत युवामे मैथिली भाखा आ कलाक प्रति जोश भरबाक काज करत ।

Saturday, November 23, 2013

मिथिला महोत्सव-२०१३


अखिल भारतीय मिथिला संघ, दिल्ली केर तत्त्वाधान में आयोजित दू दिवसीय मिथिला महोत्सव रविदिन मने १७ नवम्बर २०१३ क' सफलतापूर्वक संपन्न भेल।ज्ञात हो कि कार्तिक धवल त्रयोदशी तदनुसार शनि दिन दिनांक १६ नवम्बर क' पहिल दिन  मावलंकर हॉल,दिल्ली में दू सत्र में मैथिलीक संस्कार,कला,संस्कृति,समाज आदि विषय पर संगोष्ठी आयोजित भेल जाहि में आमंत्रित छलाह मैथिलीक वरिष्ठ साहित्यकार -डा वीरेन्द्र मल्लिक,डा देवशंकर नवीन,डा अशोक अविचल,डा उषाकिरण खान,महेन्द्र मलंगिया,डा अयूब राइन,डा अजय झा,डा प्रेम शंकर सिंह,डा रामी झा,प्रवीण नारायण चौधरी,डा विद्यानाथ झा विदित,प्रदीप बिहारी,काश्यप कमल,किसलय कृष्ण,डा अशोक कुमार मेहता आदि जे कि मैथिली कला संस्कृति केर वर्त्तमान,अतीत आ भविष्य पर अपन अपन मंतव्य रखलनि। संगोष्ठी के पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रमक क्रम में जे गवैया आ गीतगाइन लोकनि अपन मंचोपस्थिति देलनि ताहि में मुख्य छलाह/छलीह: रश्मि रानी,नन्द जी (नवल-नन्द),सुनील कुमार पवन,गुड्डी पाण्डे आदि । 

एहि पहिल दिनक आयोजन में दू टा बहुचर्चित राजनैतिक छवि शीला दीक्षित, मुख्यमंत्री, दिल्ली आ बेनीपट्टी के विधायक सह प्रवक्त्ता,बिहार बीजेपी के विनोद नारायण झा सेहो प्रेक्षक कें सम्बोधित केलनि। मैथिली साहित्य/संगीत क्षेत्रक दिग्गज कवि/गीतकार सियाराम झा सरस सेहो दर्शक केर बेस मनोरंजन करौलनि। सांस्कृतिक कार्यक्रम केर पश्चात रंगमण्डल, बेगूसराय दिस स' अनिल पतंग लिखित आ मनोरंजन मधुकर निर्देशित लोक नाट्य जट-जटिन के प्रस्तुति सेहो अद्भुत छल।कार्यक्रमक अंतिम पड़ाव में मधुबनी जिलाक दीप गोधनपुर स' आयल पमरिया आ ताहि समूह द्वारा प्रदर्शित पमरिया नाच प्रेक्षागृह में उपस्थित प्रेक्षक कें बान्हि रखबा में निश्चितरूपे अपन सराहनीय योगदान देलक। हॉल स' बाहर विभिन्न प्रकारक स्टॉल सेहो बेस आकर्षित करैत छल जेना कि : कचरी-मुरही,तिलकोरक तरुआ,पथिया-मौनी,अदौरी-दनौरी,मिथिला पेन्टिंग आ मैथिलीक पुस्तक,मैथिली कैसेट्स आ पत्रिका आदि के स्टॉल।

दोसर दिन मने १७ नवम्बर २०१३ केर आयोजन हेतु स्थान चयनित छल हिन्दी भवन,दिल्ली, जाहि में मलंगिया आर्ट्स के प्रस्तुति आ अखिल भारतीय मिथिला संघ के संयोजकत्व में आयोजित भेल "मिथिला फ़िल्म फेस्टिवल"। एहि फ़िल्म फेस्टिवल हेतु क़रीब तीन दर्जन स' बेसी  फ़िल्म प्रस्तावित छल मुदा समयाभाव में किछुए फ़िल्म प्रदर्शित भेल । प्रदर्शित भेल फ़िल्म में मैथिल समाजक समस्या पर आधारित फ़िल्म "अफवाह" (लघुफिल्म), निर्देशक-पूर्णेन्दु कुमार झा । "मिथिलाक संस्कार गीत"(वृत्तचित्र), निर्देशक-कुणाल । "बनैनिया स' वर्त्तमान"(वृत्तचित्र) निर्देशक-किसलय कृष्ण । "मिथिलाक परम्परा"(वृत्तचित्र), निर्माता-कौशलेश चौधरी,निर्देशक-कुणाल। "प्रतिवादी चेतना का लैम्प पोस्ट : राजकमल चौधरी", निर्देशक-मनोज श्रीपति आ अंत में प्रदर्शित भेल बालमनोविज्ञान आ बलि प्रथा पर आधारित लघुफ़िल्म "रक्त तिलक" जकर निर्देशन केने छलाह मनोज श्रीपति।

उपरोक्त सभ फ़िल्म आ वृत्तचित्र पर उपस्थित विशेषज्ञ द्वारा सविस्तृत समीक्षा भेल आ एना कही जे महोत्सव पूर्ण सफल आ उद्देश्यपूरक रहल। राजकमल चौधरीक वृत्तचित्रक प्रस्तुति के पश्चात आ समीक्षा स' पूर्व किछु क्षण के लेल जेना मंच पर विषयांतर सन परिस्थिति बनि गेल छल मने ई कही जे समीक्षा स' बेसी व्यवसायिक आ व्यवहारिक कटुता देखबा में आओल जे कि अंत में आरोप प्रत्यारोप सन भयंकर स्थिति बना गेल । राजकमल चौधरीक जीवन स' जूड़ल हरेक जानकारीक संकलन उपलब्ध करौनिहार संकलनकर्ता डा देवशंकर नवीन केर ह्रदय में टीस दृष्टिगोचर होइत छल कारण सम्पूर्ण फ़िल्म में हुनक कतहु चर्चा मात्र नहि छनि आ प्रायः साहित्यकार संग ई बिडम्बना पूर्वहि स' होइत आयल अछि जकर एक साक्ष्य महेन्द्र मलंगिया सेहो प्रस्तुत केलनि। दोसर दिस एहि वृत्तचित्रक निर्देशक मनोज श्रीपति अपन सफाई दैत एक दिस ई कहलनि जे ज' ध्यान स' देखल जाय त' हम अपनहु नामक चर्चा नहि केने छी मुदा दोसर दिस इहो कहलनि जे एहि सहयोग के रूप में हम हुनक यथोचित पारिश्रमिक दय देने छियनि । आब एहि ठाम एक विचारणीय प्रश्न ई जे कोनो साहित्यकार वा संकलनकर्ता के लेल किछु चंद पारिश्रमिक दय हुनक नामक उल्लेख वा चर्च नै करब हुनक सम्मान के लेल कतेक उचित ?समीक्षक मंडल में मुख्य छलाह निर्देशक मनोज श्रीपति, डा देवशंकर नवीन,प्रदीप बिहारी,महेन्द्र मलंगिया,प्रकाश झा, किसलय कृष्ण,अनिल मिश्रा,भवेश नंदन,अविनाश दास,डा वीरेंद्र मल्लिक,नीरज पाठक आदि ।

बहुचर्चित राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म समीक्षक आ आलोचक अविनाश दास जे कि मोहल्ला लाइव के संपादक सेहो छथि । अविनाश दास मैथिली फिल्मक स्तर देखि कहियो ई स्वीकार नहि केलनि जे मैथिली फ़िल्म बज़ार में व्यावसायिक रूप ल' सकैत अछि मुदा जहन "अफ़वाह" आ "रक्त तिलक" सनक लघुफिल्मक प्रस्तुतिकरण देखलनि त' स्वीकार केलनि आ कहलनि जे हमरा ई स्वीकार करबा में कनेको संकोच नहि होइयै जे हमर मैथिली फ़िल्म में ज' मोन स' काज कैल जाय त' व्यासवसायिक रूप में स्थापित भ' सकैत अछि । समीक्षा केर क्रम में अभिनेता अनिल मिश्रा कला क्षेत्र में भ' रहल भाइ-भतीजावाद पर आपति जतौलनि आ आग्रह केलनि जे प्रशिक्षित आ प्रतिभावान कलाकार कें सोझा आनल जाय जाहि स' मैथिली भाषाक फ़िल्म सेहो व्यवसायिक रूपे बज़ार में स्थापित भ' सकै, संगहि मिथिला क्षेत्रक सिनेमा हॉल मालिक पर दूनेती के आरोप लगबैत कहलनि जे  मैथिलीक अपेक्षा भोजपुरी के विशेष प्राथमिकता देल जाइत छैक ।  

प्रेक्षागृह में उपस्थित छलाह फ़िल्म,रंगमंच,कला,साहित्य,समाज आदि स' जूड़ल किछु चर्चित छवि जेना कि : विराटनगर स' प्रवीण नारायण चौधरी (समाजसेवी आ साहित्यकार), सुनील कुमार पवन(लोकगायक),चन्दन झा(निर्देशक),कश्यप कमल(रंगकर्मी), कौशल कुमार(रंगकर्मी),विभय कुमार झा(समाजसेवी),संजय झा-नागदह(समाजसेवी), कवि एकांत झा राजीव (कवि/समाजसेवी) मुकेश झा(अभिनेता),राधाकांत झा(अभिनेता),विमल जी मिश्र(गीतकार),मनीष झा "बौआभाइ"(कवि/गीतकार),अनिल मिश्रा(अभिनेता),कल्पना मिश्रा (अभिनेत्री),सुधा झा (अभिनेत्री),राजीव मिश्रा(रेकॉर्डिंग इंजीनियर),दीपक ठाकुर(संगीतकार),मिथिलेश झा(नृत्य निर्देशक) आदि। अंत में अखिल भारतीय मिथिला संघ केर अध्यक्ष विजय चन्द्र झा एहि महोत्सव में सम्मिलित सभ विधाक कलाकार आ उपस्थित समस्त मैथिलजन केर आभार प्रकट केलनि। राजकमल चौधरी पर आधारित वृत्तचित्र केर हिंदी भाषा में प्रस्तुति पर आपति करैत कहलनि जे विगत ४५ बरखक आयोजन में एहेन पहिल बेर भेल जे एहि मंच पर कोनो ने कोनो माध्यमें हिंदी में प्रस्तुति भेल जे कि नीक गप्प नहि आ आगाँ एहेन नहि होय कारण एहि मंच के गरिमा अपन मातृभाषा ल' ' बाँचल छैक आ संगहि आह्वान केलनि जे विद्यापति पर्व स्मृति समारोह जेँका नागार्जुन,मणिपद्म आदि-आदि विद्वान सभक नाम पर सेहो आयोजित होय जाहि लेल अलग-अलग संस्था अलग-अलग व्यक्तिक जयंती मनाबथि त' बेसी उत्तम। एहि महोत्सवक आ आयोजनक मुख्य कर्ताधर्ता "मलंगिया आर्ट्स" के निदेशक ऋषि कुमार झा आ दुनू दिनक "मंच संचालक" किसलय कृष्ण सफलतापूर्वक निष्पादन केलाह। सरस जीक गीत आ नन्द जीक समदाओनक संग पूर्णाहुति भेल एहि मिथिला महोत्सवक।