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Tuesday, October 23, 2018

ग्रामीण रंगमंच पर कथा ‘सुबहा’ आ 'मुक्ति प्रसंग' केर मंचन एकल अभिनय

मधुबनी जिलाक रामनगर (परजुआरि) गाम मे चारिदिवसीय नाट्य मंचनक पहिल राति १५ अक्टूबर,२०१८ क' दू गोट मंचन क्रमशः 'सुबहा' जे कि ऋषि वशिष्ठ द्वारा लिखित-निर्देशित एवं प्रभाती कमलिनी द्वारा अभिनीत कथा मंचन छल आ दोसर सुप्रसिद्ध लेखक राजकमल चौधरी लिखित कविता 'मुक्ति प्रसंग' आधारित काव्य मंचन छल जाहि मे निर्देशन आ अभिनेताक रूप मे प्रस्तुत भेलाह किसलय कृष्ण।


'सुबहा' एक गोट मुसलमान पात्रकेँ केन्द्र मे राखि लिखल गेल कथा अछि। अज्ञात चोर द्वारा गामक मन्दिर सँ मूर्ति चोरि कएल गेल मुदा ग्रामीण द्वारा अनावश्यक तर्कक आधार पर ताहि अपराधक सजा पटिया बेचि गुजर केनिहार फूलहसन नामक एक निर्दोष व्यक्ति केँ आरोपित कय ओकरा जेल पठबा देल गेल। जेल सँ बहरेलाक बाद समाज द्वारा उपेक्षित फूलहसन केँ एकमात्र विश्वास छल ओहि अबोध बालिका नरेनी पर जकरा ओ अपन निर्दोष हेबाक सबूत देमय चाहैत छल से नरेनी जखन ओकरा गला मे लिपटि जाइत छै, फूलहसन केँ विश्वास भ' जाइत छैक जे जगदम्बा स्वरुप नरेनी ओकरा माफ़ क' देलकै। फूलहसन केर आस्था मे लेखक जाहि तरहे अल्लाह आ ईश्वरक प्रति समानता देखै छथि से निश्चित रूप सँ जाति-धर्म सँ ऊपर उठि मानवता केँ चिन्हित करैत अछि।

कथा जहिना अपन विशिष्टता संग छाप छोड़बा मे सफल भेल अछि तहिना प्रभाती कमलिनी केर अभिनय। एकल अभिनय मे एकटा पैघ चुनौती होइत अछि जे मंच आ प्रॉपर्टीक पूर्ण उपयोग केना करी कारण एक्कहि अभिनेता केँ विभिन्न चरित्र आ चरित्रक अनुरूप कॉस्ट्यूम संग क्षणहि मे सोझा आएब बड्ड दुष्कर काज अछि आ ताहिमे प्रभाती केर आत्मविश्वास देखबा जोग छल। लेखक,निर्देशक ऋषि वशिष्ठ संग अभिनयक माध्यम सँ प्रभाती निस्सन उपस्थिति दर्ज करौलनि। सभसँ बड़का बात जे ग्रामीण रंगमंच पर जतय महिला उपस्थिति नगण्य अछि तेहेन सन चिन्ताजनक स्थिति मे ऋषि वशिष्ठ सन पिता प्रशंसाक हक़दार छथि जे अपन सुपुत्री केँ रंगमंच हेतु तैयार क' रहलाह अछि।

दोसर मंचन छल राजकमल चौधरी लिखित 'मुक्ति प्रसंग'क आ एहि बेर फ़िल्म समीक्षक/निर्देशक/उद्घोषक किसलय कृष्ण देखल गेलाह एक अभिनेताक रूप मे। राजकमल चौधरी द्वारा अन्तिम समय मे लिखल गेल पटनाक राजेन्द्र सर्जिकल वार्ड सँ मृत्यु आधारित एहि कविताक मंचन करब अपनाआप मे एक चुनौती अछि जकरा स्वीकारब सहज नहि मुदा से साहस केलनि किसलय कृष्ण। जँ अभिनय मे नियमितताक संग उपस्थित होथि त' नीक संभावना देखना जाइछ। शहरी मंच जतय समुचित संसाधन उपलब्ध रहैछ तेहेन ठाम एकर मंचन एक बेर देखलाक बाद अभिनय सम्बन्धी किछु कहब उचित हएत।

ग्रामीण रंगमंच पर प्रकाश,ध्वनि आदिक समुचित व्यवस्था करब एखनो कठिनाह काज अछि। तमाम मार्गदर्शन केर बावजूदो साउंड आ लाइट ऑपरेटर अपन अज्ञानता देखा गेल जकर नोकसान सोझे कलाकारक मनोबल पर पड़ैछ। दुन्नू मंचन मे एकल अभिनय छल आ दुन्नू कलाकार अपना भरि सीमित संसाधनक संग तालमेल बैसेबाक चेष्टा करैत उम्दा प्रस्तुति देलनि।

Tuesday, August 16, 2016

कथारंग संग मैलोरंगक पनरह अगस्त


स्वतंत्रता दिवसक सुअवसर पर १५ अगस्त २०१६कमैथिली रंगमंच दिल्लीक संस्था मैलोरंग अपन पंजीकृत कार्यालय एमएलआर स्टूडियो थियेटर, शकरपुर,दिल्लीमे नाट्य मंचन केर आयोजन केलक. एहि आयोजनमे मैलोरंगक किछु नवप्रशिक्षु आ किछु प्रशिक्षित रंगकर्मी लोकनिकें नाटकक चयन,निर्देशन ओ अभिनय हेतु स्वतंत्र निर्णय लेमय हेतु अधिकृत कदेल गेल छलनि.

ज्ञात होकि मैलोरंग अपन प्रयोगधर्मिता वास्ते जानल जाइत अछि आ ओएह प्रयोगक क्रममे एकटा अद्भुत प्रयोग छल एकल अभिनय मंचन. ई प्रयोग प्रथमतः अपनहि कार्यालय आ सीमित दर्शकक संग कएल गेल ताकि भविष्यमे एकल अभिनय के सार्वजनिक मंच पर सेहो अनबाक प्रयास करत मैलोरंग. एहिमे छ: गोट कथाकारक कथा पर आधारित छ: गोट अभिनेता एकल अभिनय आ अपने ऊहि सस्वयं के निर्देशित केला जेकि एक-स’-बढिक’-एक मने उपराउपरी. नाटकक भाषा हिन्दी आ मैथिली मिश्रित छल.

अभिनय आ नाटकक क्रम एहि तरहें छल- १. कथा-ठेस (हिन्दी), लेखक-फणीश्वरनाथ रेणु,अभिनय-नीतिश कुमार झा २. कथा-मत रो पापा (हिन्दी), लेखक- उमाशंकर सिंह, अभिनय-राजीव रंजन ३. कथा- कप्तान और सौदागर (हिन्दी), लेखक- सूर्यकांत त्रिपाठी निराला,अभिनय-रमण कुमार, ४. कथा-लीप सेकण्ड (हिन्दी),लेखक-इंदिरा दाँगी,अभिनय-विवेक कुमार ५. कथा-अगाध प्रेम (हिन्दी),लेखक-शरतचंद चट्टोपाध्याय,अभिनय-संजीव कुमार बिट्टू ६. कथा-ललका पाग (मैथिली), लेखक-राजकमल चौधरी, अभिनय-ज्योति झा आ ७. हरिजन गाथा (हिन्दी),लेखक-बाबा नागार्जुन,अभिनय-रोशन यादव.

मंचनक उपरान्त अन्तमे पूजा प्रियदर्शिनी,नेहा आ आकाँक्षा पाल द्वारा विशेष रूप सतैयार कएल गेल देशभक्ति गीत देश मेरा रंगीलापर नृत्य प्रस्तुत कएल गेल आ एहि तरहें सीमित समयमे प्रयोग कएल गेल मंचनक ई नवरूप देखबामे आएल. मंच सञ्चालन-मनोज पाण्डे, लाइट-ऋतुराज,कैमरा-संजीव बिट्टू, संगीत-दीपक ठाकूर, स्वर-राजीव रंजन, सम्पूर्ण मार्गदर्शन-मुकेश झा आ प्रकाश झा, अन्य सहयोग-नीरा झा,सोनी झा आदि. मंचनक उपरान्त कीर्तन-भजन, देशभक्ति गीत,पारम्परिक गीत आदिमे हारमोनियम पर दीपक ठाकुर, ढोलक पर ऋषि मलंगिया आ गायन राजीव रंजन झा रॉकस्टारकेर संग हास्य विनोदक संग सफलतापूर्वक संपन्न भेल.