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Thursday, September 29, 2022

बोस (सुभाष चन्द्र बोस), मैथिल पुनर्जागरण प्रकाश (राग-रंग)

रंगसंस्था ‘बारहमासा मैथिली नाटकक संग-संग हिन्दी नाटकक क्षेत्रमे सेहो समय-समय पर उपस्थिति दर्ज करबैत रहल अछि । गोल मार्केट, दिल्लीक नजदीक भाई वीर सिंह मार्ग स्थित ‘मुक्तधारा सभागार मे विश्वम्भर उपाध्याय लिखित नाटक ‘बोस (सुभाष चन्द्र बोस)’क मंचन बारहमासा द्वारा कएल गेल । महात्मा गाँधी सँ मत भिन्नताक पश्चात कांग्रेस अध्यक्ष पदक त्याग करैत, राजसी ठाठ मे पलल-बढ़ल सुभाष चन्द्र बोस जमीनी स्तर सँ संघर्ष करैत ब्रिटिश साम्राज्य सँ स्वतंत्रता प्राप्ति लेल सैन्य विद्रोहक जे रास्ता चुनलनि ताहिमे हुनक तीक्ष्ण बुद्धि, चातुर्य कौशल आ सांगठनिक क्षमताक जे किछु प्रमाण भेटैत अछि से देशक युवा, आम नागरिक आ राजनीतिक लोकनिक वास्ते अनुकरणीय आ बेस प्रेरक अछि । वीर सेनानी सुभाष चन्द्र बोस वास्तवमे नेताजी रहथि से उक्त नाटकक माध्यम सँ हुनक कृत्तित्व आ विराट व्यक्तित्त्वकें दर्शाओल गेल अछि ।

दिल्लीमे नाटकक मंचन निरन्तर होइत रहल अछि जाहिमे अधिकाधिक चयनक विषय सामाजिक असमानता, शोषण, गरीबी आदि रहैत अछि मुदा भारतीय स्वतंत्रता मे अपन सर्वस्व न्यौछावर केनिहार एहेन वीर सेनानी पर केन्द्रित ई नाटक वास्तवमे अपन राष्ट्रनायकक त्याग आ समर्पणक प्रति गौरवबोध करबैत अछि ।

मंच पर सुभाष चन्द्र बोसक भूमिका मे नवोदित मुदा अभिनयक क्षेत्रमे कम्मे समयमे परिपक्व होइत अभिनेता मनु कुमार झाक उपस्थिति दर्शक लोकनिक ध्यानाकर्षण करबामे बेस सफल रहल । सुप्रिया सत्यम (कैप्टन लक्ष्मी), नितीश कुमार झा (हिटलर), मनीषा मिश्रा (सूत्रधार आ लक्ष्मी रेजिमेंटक सिपाही), मायानन्द झा (उत्तमचंद आ सेठ किरोड़ीमल), अमन गुप्ता (मिर्जा आ शाहनिवाज), रोहित कुमार (महात्मा गाँधी आ कैप्टन मोहन सिंह), टेन्जीन बोध (जवाहर लाल नेहरु),निर्भय कर्त्तव्य (भगतराम आ ढिल्लन), रौशन सिंह (कर्नल हंट), राजेश कुमार बेनी (अफ़गान सिपाही), शुभम (सहगल), पूनम सिंह (लक्ष्मी रेजिमेंटक सिपाही), वन्दना (लक्ष्मी रेजिमेंटक सिपाही), रवित चावला (बालवीर) एवं सैनिक समूहमे तरुण झा, लालू कुमार, ऋत्विक राज, करन चौहान आदि लोकनिक उपस्थिति छल ।

मंचक पाँछा दीपक ठाकुर (संगीत), राहुल चौहान (प्रकाश), डालचन्द (वस्त्र विन्यास), पूनम सिंह आ मनीषा मिश्रा (वस्त्र सज्जा), नितीश कुमार एवं रोहित कुमार (रूप सज्जा), तरुण झा (प्रस्तुति प्रबंधन), राजेश बेनी (मंच प्रबंधन), अमन गुप्ता (पार्श्व ध्वनि) आ मनु कुमार झा (सह-निर्देशन) केर सहयोग सँ सफलतापूर्वक संपन्न एहि नाटकक निर्देशन केलनि मैथिली एवं हिन्दीक वरिष्ठ रंगकर्मी मुकेश झा ।

Monday, July 11, 2022

एक टुकड़ा पाप, मैथिल पुनर्जागरण प्रकाश (राग-रंग)

रंगकर्मक प्रसिद्ध संस्था 'बारहमासा' द्वारा मैथिली नाटक 'एक टुकड़ा' पाप केर मंचन नरेज्यान स्टूडियो, भारती आर्टिस्ट कॉलोनी, पूर्वी दिल्ली मे भेल।

मैथिलीक सुप्रसिद्ध नाटककार महेन्द्र मलंगिया लिखित नाटक 'एक टुकड़ा पाप' बाल मनोविज्ञान पर आधारित अछि। प्रौढ़ होइत बच्चाक संवेदनशीलता , स्वाधीनता , चंचलता आ निःश्च्छलता पर अभिभावक द्वारा जे अनावश्यक दबाव बनाओल जाइत अछि , तथाकथित अनुशासनक नाम पर जे भयाक्रांत माहौल मे राखल जाइत अछि तकरहि दुष्परिणाम केँ नाटकक माध्यम सँ देखाओल गेल अछि। समाजक प्रबुद्ध लोक सेहो सीमित अधिकारक संग अभिभावक केँ बुझेबाक प्रयास करैत छथि, मुदा स्वभाववश कठोर एहेन अभिभावकक मानसिक सोच मे कोनो खास परिवर्तन नहि होइत छैक। परिणाम ई होइत अछि जे माता-पिता द्वारा प्रताड़ित हेबाक डर सँ चरेबा लेल ल' गेल पारी केँ रेल दुर्घटना सँ बँचबैत स्वयं दुर्घटनाक शिकार भ' जाइछ आ अल्प वयसहि मे काल कवलित भ' जाइछ।

समाजक पढल-लिखल लोक जिनका संग ओ अपन हरेक सुख-दुख केँ साझा करैत छल अपन वेदना व्यक्त करैत रहैत छल। माता-पिताक स्वभाव सँ तंग आबि हुनका लोकनिक आँखि सँ दूर कतौ जा श्रमक बले आत्मनिर्भर बनि अपन मनोनुकूल जीवन जीबय चाहैत छल जाहि मे हुनक सहयोग चाही छल, मुदा एहि निर्णयक सम्बन्ध मे हठात स्वीकृति देबा मे मौन रहलाह। एहि अनापेक्षित दुर्घटनाक बाद हुनका सँ अनजाने मे भेल मौन प्रतिक्रिया एक पाप समान छल जकर प्रायश्चित करबाक लेल आब किछु नहि बाँचल छल आ यैह 'एक टुकड़ा पाप' छल जे हुनका लेल आजीवन कचोटक विषय बनि गेल।

बारहमासा द्वारा मंचित एहि नाटकमे पात्रक संख्या सीमित अछि (एकटा स्त्री पात्र आ चारिटा पुरुष पात्र) मुदा से प्रत्येक पात्र अपनाआपमे महत्वपूर्ण अछि।

मैथिली रंगमंच मे नियमित उपस्थिति देनिहार संतोष कुमार एक एहेन अनुभवी अभिनेता छथि जिनकर संवाद प्रस्तुति, भाव-भंगिमा आ प्रतिक्रियाक समय देखि दर्शक चकित रहि जाइ छथि। हिनक अभिनयक सीमा अवधि न्यून हो वा अधिक हो, दर्शककेँ अपना पात्र संगे आदि सँ अन्त धरि बान्हि रखबामे सक्षम अभिनेता छथि। नाटक मे पिताक भूमिका मे उत्तम प्रस्तुति देलनि अछि। मनीषा मिश्र जे एकमात्र महिला पात्र छथि मायक भूमिका मे उत्कृष्ट काज केलनि अछि। मैथिली रंगमंच मे एहि नवोदित अभिनेत्रीक प्रवेश कम समय मे दर्शकक ध्यान आकृष्ट करबा मे बेस सफल रहल अछि। आउ गप्प करी हरफनमौला रंगकर्मी मायानंद झाक जे कोनो पात्रकेँ मंच पर उतारबा सँ पहिने स्वयं केँ ओहि रूप मे तैयार करैत छथि आ तैं उत्कृष्ट प्रस्तुति देबा मे सक्षम देखल जाइ छथि। प्रबुद्ध आ जागरूक व्यक्तिक भूमिका मे आन नाटक जेकाँ एहि बेर सेहो अपन अभिनय सँ दर्शक केँ प्रभावित कयलनि अछि।

नाटकक केन्द्रीय पात्रक भूमिका केँ मनु कुमार झा पूर्ण इमानदारी सँ निमाहलनि अछि। मनुक अभिनयक विशेषता ई छल जे मंच पर उत्तम प्रस्तुति देबा लेल ओहेन सभटा अनुशासनक पालन करैत देखल गेलाह जेकि एकटा नवोदित कलाकार वास्ते सभसँ आवश्यक तत्व अछि । एहि नाटकमे मनु झाक उपस्थिति अनेक दृष्टिएँ एकटा आवश्यक अभिनेताक रूप मे देखल गेल। मनु झाक रंगमंचक प्रति अनुराग आ लगन देखि ई आश्वस्त भेल जा सकैए जे भविष्यक एक नीक अभिनेता छथि। अभिषेक आयुष जे कि सहायक पात्र एक सेवकक रूप मे देखल गेलाह नीक अभिनय केलनि तथापि एक अभिनेताक रूप मे आर बेसी संभावना छनि जकरा दर्शकक सोझा राखब आवश्यक बुझना जाइछ।

नाटकक बीचमे प्रयोग सांकेतिक अभिनय मुकेश झाक प्रयोगधर्मी निर्देशन पक्षकेँ उजागर करैत अछि। निश्चित रूपसँ नाटकक सफल सम्पादनक श्रेय एहि नाटकक निर्देशक मुकेश झाक संग बरहमासाक सगर टीमकेँ जाइत अछि।

मंचक पाछाँक सहयोगी दीपक ठाकुर (गीत), प्रसून नारायण श्रीवास्तव (संगीत), मुकेश झा (प्रकाश), पुष्पा झा (मेकअप), पूनम सिंह (वेशभूषा), तरुण कुमार (मंच व्यवस्था), राजेश कुमार बेनी (प्रस्तुति नियंत्रण), दीपक यात्री (छायाचित्र) आदि लोकनिक समवेत प्रयासक परिणाम थिक नाटकक सफल मंचन।

प्रायः 'बकलेल' 'लोंगिया मिरचाइ' नाटक सँ जन-जनकेँ लोकप्रिय नाटककार लल्लन प्रसाद ठाकुर पर केन्द्रित आ समर्पित १६म मिथिला रंग महोत्सवक आयोजन कय मैलोरंग पुनः एक बेर साबित केलक अछि जे मैथिली रंगमंच मे योगदान देनिहार प्रत्येक कलाकार ओ नाटककारक प्रति ई समाज कृतज्ञ अछि आ रहत। 

Tuesday, July 20, 2021

साहित्यकार श्याम दरिहरेक स्मृतिमे नाट्यसंस्था 'बारहमासा' द्वारा दिल्लीमे शोकसभा आयोजित

दिवंगत साहित्यकार श्याम दरिहरेक स्मृतिमे नाट्यसंस्था 'बारहमासा' द्वारा दिनांक  १८ जुलाइ, २०२१ क' (रविदिन) शोकसभा आयोजित कएल गेल । पूर्वी दिल्ली स्थित नरेन्ज्यान स्टूडियो,भारती आर्टिस्ट कॉलोनी, निर्माण विहार मे उक्त सभाक आयोजन भेल । कोविड संक्रमणक संभावित तेसर लहरिक संदेह ओ सरकारी निर्देशक अनुपालन करैत व्यवस्था तदनुकूल कएल गेल छल । उपस्थिति अपेक्षानुकूल सेहो कम्मे कहक चाही । सभा आयोजनक रूपरेखा किछु एहि तरहे छल : दरिहरे जीक साहित्यिक ओ सामाजिक जीवनक परिचय, श्रद्धादीपक रूपमे दीप प्रज्ज्वलन , श्रद्धा सुमनक रूपमे पुष्पांजलि, स्मृतिक रूपमे भावांजलि, व्यक्तित्वक रूपमे स्मरणांजलि ओ कृतित्वक रूपमे काव्यांजलि सह नाट्यांजलि ।

निर्धारित समय सँ आयोजनक शुरुआत बारहमासाक संस्थापक रंगकर्मी मुकेश झा कएलनि आ तदुपरान्त विधिवत सञ्चालन केर जिम्मा मनीष झाकेँ सोंपि देल गेल । उपस्थित जनमानस हेतु ई जानब आवश्यक होइछ जे जाहि व्यक्तिक स्मृति मे ई आयोजन कएल गेल अछि हुनक व्यक्तित्व ओ कृतित्वक विस्तार कतेक अछि, प्रभाव कतेक अछि । एहने सन जिज्ञासा संग उपस्थित लोकक बीच हुनक व्यक्तित्व ओ कृतित्वक परिचय आलेख पाठ कएल गेल । दरिहरे जीकेँ बहुत लगीच सँ जननिहार डॉ. कमल मोहन चुन्नूक एक गोट परिचयात्मक आलेख जेकि दरिहरे जीक देहवसानक किछुए दिनक उपरान्त हिन्दीक एक गोट चर्चित समाचार ब्लॉग पर प्रस्तुत कएल गेल छल तकरहि मैथिली मे त्वरित अनुवाद करैत संचालक द्वारा मंच सँ प्रस्तुत कएल गेल । एहि आलेख मे हिनक जीवनक मूल-मूल बिंदु पर चर्च कएल गेल अछि जेकि प्रेरकताक संग-संग अनुकरणीय सेहो अछि ।

परिचय प्रस्तुतिक पश्चात हुनक छायाचित्रक सोझा दीप जराओल गेल आ उपस्थित एकहक व्यक्ति द्वारा पुष्य अर्पित कएल गेल । बहुत कम समयमे लोकक संग घनिष्ठता बढ़ाएब सन जे हुनक समावेशी गुण छल से शनैः-शनैः प्रत्येक वक्ताक अनुभव सँ गप सोझा अबैत गेल । अनुभव साझा करबाक क्रममे अखिल भारतीय मिथिला संघ केर अध्यक्ष विजय चन्द्र झा, अरुण कुमार मिश्र, संस्कृति मिश्र, मायानन्द झा, मनोज श्रीपति, कश्यप कमल आ मुकेश झाक स्मृति वक्तव्यमे  हुनक अनुशासित ओ समर्पित जीवनक प्रत्येक गुणकेँ लगीच सँ चिन्हल-जानल सन आभास करबैत  छल   

स्मृति वक्तव्यक उपरान्त दरिहरे जी रचित एक गोट चर्चित 'फाटल बिहौती नूआ' कथाक पाठ (संवाद आधारित नाट्यांजलि) आ दू गोट कविता क्रमशः 'बेटी-१' एवं 'आत्मबोध' (संगीतबद्ध काव्यांजलि) प्रस्तुत कएल गेल । सहभागी कलाकार मे मुकेश झा, पूनम सिंह, मनीषा मिश्रा, संतोष कुमार, मनु झा, संगीत संयोजन दीपक ठाकुर, वादन- प्रसून नारायण, गायन-संतोष कुमार, मुकेश झा, मनु झा, पूनम सिंह, मनीषा मिश्रा,दीपक ठाकुर, प्रसून नारायण एवं राजेश कुमार आदि लोकनिक छल । सहयोगी संस्थाक रूपमे अछिञ्जल, अस्मिता आर्ट एंड कल्चरल फाउंडेशनक संग-संग उपस्थित दर्शक लोकनि द्वारा स्व. श्याम दरिहरे केँ कृतज्ञ श्रद्धांजलि अर्पित कएल गेल ।