रंगसंस्था ‘बारहमासा’ मैथिली नाटकक संग-संग हिन्दी नाटकक क्षेत्रमे सेहो समय-समय पर उपस्थिति दर्ज
करबैत रहल अछि । गोल मार्केट, दिल्लीक नजदीक भाई वीर सिंह मार्ग स्थित ‘मुक्तधारा
सभागार’ मे विश्वम्भर उपाध्याय लिखित नाटक ‘बोस (सुभाष चन्द्र बोस)’क मंचन बारहमासा
द्वारा कएल गेल । महात्मा गाँधी सँ मत भिन्नताक पश्चात कांग्रेस अध्यक्ष पदक त्याग
करैत, राजसी ठाठ मे पलल-बढ़ल सुभाष चन्द्र बोस जमीनी स्तर सँ संघर्ष करैत ब्रिटिश
साम्राज्य सँ स्वतंत्रता प्राप्ति लेल सैन्य विद्रोहक जे रास्ता चुनलनि ताहिमे
हुनक तीक्ष्ण बुद्धि, चातुर्य कौशल आ सांगठनिक क्षमताक जे किछु प्रमाण भेटैत अछि
से देशक युवा, आम नागरिक आ राजनीतिक लोकनिक वास्ते अनुकरणीय आ बेस प्रेरक अछि । वीर सेनानी सुभाष
चन्द्र बोस वास्तवमे नेताजी रहथि से उक्त नाटकक माध्यम सँ हुनक कृत्तित्व आ विराट व्यक्तित्त्वकें
दर्शाओल गेल अछि ।
दिल्लीमे नाटकक मंचन निरन्तर होइत रहल अछि जाहिमे अधिकाधिक
चयनक विषय सामाजिक असमानता, शोषण, गरीबी आदि रहैत अछि मुदा भारतीय स्वतंत्रता मे अपन सर्वस्व न्यौछावर केनिहार एहेन
वीर सेनानी पर केन्द्रित ई नाटक वास्तवमे अपन राष्ट्रनायकक त्याग आ समर्पणक प्रति
गौरवबोध करबैत अछि ।
मंच पर सुभाष चन्द्र बोसक भूमिका मे नवोदित मुदा अभिनयक
क्षेत्रमे कम्मे समयमे परिपक्व होइत अभिनेता मनु कुमार झाक उपस्थिति दर्शक लोकनिक
ध्यानाकर्षण करबामे बेस सफल रहल । सुप्रिया सत्यम (कैप्टन लक्ष्मी), नितीश कुमार
झा (हिटलर), मनीषा मिश्रा (सूत्रधार आ लक्ष्मी रेजिमेंटक सिपाही), मायानन्द झा
(उत्तमचंद आ सेठ किरोड़ीमल), अमन गुप्ता (मिर्जा आ शाहनिवाज), रोहित कुमार (महात्मा
गाँधी आ कैप्टन मोहन सिंह), टेन्जीन बोध (जवाहर लाल नेहरु),निर्भय कर्त्तव्य
(भगतराम आ ढिल्लन), रौशन सिंह (कर्नल हंट), राजेश कुमार बेनी (अफ़गान सिपाही), शुभम
(सहगल), पूनम सिंह (लक्ष्मी रेजिमेंटक सिपाही), वन्दना (लक्ष्मी रेजिमेंटक
सिपाही), रवित चावला (बालवीर) एवं सैनिक समूहमे तरुण झा, लालू कुमार, ऋत्विक राज, करन चौहान आदि लोकनिक
उपस्थिति छल ।
मंचक पाँछा दीपक ठाकुर (संगीत), राहुल चौहान (प्रकाश), डालचन्द (वस्त्र विन्यास), पूनम सिंह आ मनीषा मिश्रा (वस्त्र सज्जा), नितीश कुमार एवं रोहित कुमार (रूप सज्जा), तरुण झा (प्रस्तुति प्रबंधन), राजेश बेनी (मंच प्रबंधन), अमन गुप्ता (पार्श्व ध्वनि) आ मनु कुमार झा (सह-निर्देशन) केर सहयोग सँ सफलतापूर्वक संपन्न एहि नाटकक निर्देशन केलनि मैथिली एवं हिन्दीक वरिष्ठ रंगकर्मी मुकेश झा ।
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