Wednesday, June 20, 2018

गोस्वामी तुलसीदास कृत रामचरितमानसक सुन्दरकाण्डकें अर्चना भगवान जी मिश्र द्वारा मैथिली भाषा मे रूपांतरण

मैथिली साहित्यक विभिन्न विधा मे मौलिक लेखनक संग-संग समय-समय पर नव-नव प्रयोग सेहो होइत आबि रहल अछि. एहि बेर एहने सन किछु प्रयोग केलनि अछि मैथिली गीत आ फिल्म लेखनमे हस्तक्षेप रखनिहार, पेशा सँ इंजीनियर, मधुबनी जिलान्तर्गत ननौर ग्रामवासी श्री भगवान जी मिश्र एवं पेशा सँ गणित शिक्षिका आ हुनक सहधर्मिणी श्रीमती अर्चना प्रियदर्शिनी जिनक संयुक्त प्रयास सँ गोस्वामी तुलसीदास कृत रामचरितमानसक सुन्दरकाण्डकें मैथिली भाषा मे रूपांतरण एवं पोथी रूपमे प्रकाशित ‘सरल मैथिली सुन्दरकाण्ड’ केर विमोचन दीपक फाउंडेशनक वार्षिकोत्सव समारोह-२०१८ केर अवसर पर भारत सरकारक पूर्व शिक्षामंत्री एवं प्रखर राजनीतिज्ञ श्री मुरली मनोहर जोशी जीक करकमल सँ दिल्लीक मावलंकर सभागार मे भेल छल.
सभागार मे उपस्थित दर्शक लोकनिक मध्य भेंटस्वरूप ‘सरल मैथिली सुन्दरकाण्ड’ आ संग मे एकर ऑडियो सीडी जेकि सुपरिचित गायक श्री दिलीप दरभंगिया केर स्वर ओ संगीत मे निर्मित अछि निःशुल्क वितरित कएल गेल. उक्त पोथी आ सीडीक एक प्रति हमरहु प्राप्त भेल. पोथिक आवरण पृष्ठ आ भीतरी पन्नाक उत्तम गुणवत्ता बेस आकर्षित करैत अछि आ दीर्घसमय धरि ई पोथी यथास्वरूप सुरक्षित राखल जा सकैछ. दीपक फाउंडेशन द्वारा प्रकाशित पहिल संस्करणक एहि पोथिक संपादन केने छथि श्री दीपक झा आ संपादन सहयोग श्री कमल मोहन ठाकुर.
साधारणतया हमरा लोकनि सेहो जखन सुन्दरकाण्ड पाठ करैत छी त’ भाव बुझितो कएक ठाम शब्दक अर्थ बुझबा लेल जिज्ञासु होइत छी. रूपांतरणकर्ताक दू शब्द मे लेखकद्वय द्वारा पाठकक सोझा एहि पोथिक संदर्भमे योजना, क्रियान्वन आ प्रकाशनक उद्देश्य सम्बन्धमे जे अनुभव आ उद्गारकें राखल गेल अछि से सहजहि अकानल जा सकैछ. लेखकीय मंतव्यक आधार पर हिनक मानब छनि मैथिलीमे सरल शब्दक उपयोग करैत लिखबाक मूल उद्देश्य जे आध्यात्मिकताक पालन करैत मानवताक उत्थान हेतु मिथिलाक जन-जन धरि अपन मातृभाषामे एकर प्रचार-प्रसार होय.
लेखकीय प्रयास आ गुणवत्ताक बाद आबी पोथिक पाठकीय पक्ष पर. मैथिली भाषाक प्रति नव पीढ़ीमे आबि रहल उदासीनता जतय चिंताजनक स्थिति उत्पन्न करैत अछि ओत्तहि वर्तमान पीढ़ीक साहित्य सृजनमे सक्रियता आ मातृभाषा प्रति अनुराग सुरक्षित भविष्य हेतु सेहो ततबे सकारात्मक परिवेश बनबैत आश्वस्त करैत अछि. अपना जनैत प्रत्येक सृजनधर्मी लोकनि किछु ने किछु नव सन करबाक प्रयत्न मे छथि जाहि सँ भाषा विस्तारमे अपेक्षित सहयोग भेटैत रहौक. जन-जनकें कंठ मे बसल सुन्दरकाण्डकें मैथिली रूपांतरण करबाक पाँछा हिनको लोकनिक इएह उद्देश्य निहित छनि. वर्तमान परिप्रेक्ष्य मे देखल जाय त’ उक्त पोथी भाषा संरक्षण आ संवर्धन मे एक योगदानक रूपमे अपन उपस्थिति दर्ज करबैत अछि जे कि सरल,सहज आ सर्वबोधगम्यताक संग पाठकक सोझा प्रस्तुत अछि.
८४ पृष्ठक पोथिक अवलोकन केला उत्तर एहिमे अधिकांश ठाम शब्दानुवाद भेटैत अछि मुदा किछु अंशक भावानुवाद सेहो देखना जाइछ. वर्तनी शुद्धताक मामिलामे बहुत बेसी गंभीरता देखना जाइछ तथापि एक बेर पुनर्संशोधित हएब एहि पोथिक अंतिम प्रकाशन पूर्व आवश्यक छल. टंकण आ मुद्रण केर मामिला मे बेस संतोषजनक काज भेल अछि.
रूपांतरण मे अनेको ठाम क्लिष्ठ शब्दकें सहज बनाएब अचंभित करैत अछि. ई लोकनि किछु शब्दक शोध तत्परतापूर्वक कतेको स्रोत सँ केने छथि तकर दृष्टांत निम्न पाँति सँ देखल जा सकैछ :
मूल : ‘ढ़ोल गँवार शुद्र पशु नारी, सकल ताड़ना के अधिकारी’
अनुवाद : ‘ढ़ोल गँवार शुद्र पशु नारी, प्रेम सँ बुझबै के अधिकारी’
‘ताड़ना’ शब्दक अर्थ आम प्रचलन मे ‘पिटबा’ सँ लगाओल जाइत अछि आ से प्रसंगवश मोन पड़ैत अछि मैथिली साहित्य महासभा,दिल्ली द्वारा आयोजित कार्यक्रम ‘मिथिलाक नारी, नहि छथि बेचारी’ केर मंच सँ श्रीमती करुणा झा तुलसीदासक प्रति क्षोभ व्यक्त करैत कहने रहथि जे इएह पाँति ज’ कोनो स्त्री द्वारा लिखल जाइत त’ से होइत ‘ढ़ोल गँवार पुरुष और घोड़ा, जितना पीटो उतना थोड़ा’. हिनक आक्षेप आम प्रचलनक आधार पर छलनि नहि कि मनगढ़ंत वा कोनो पूर्वाग्रह भावक आधार पर.
एहि पोथिक लेखक लोकनि एहि ठाम ताड़ना शब्दक अर्थ ‘बुझाएब’ सँ स्पष्ट करै छथि, एकर मतलब विभिन्न शब्दकोश वा आन-आन संदर्भ सँ मदति लैत एकर प्रयोग केने छथि. कहबाक अभिप्राय जे तुलसीदासक विराट सोचक संदर्भमे गहन अध्ययनक पश्चात एहि ठाम उपरोक्त शब्दक विकल्प रूपमे प्रयोग करबाक पाँछा हिनका लोकनिक शोध सोझा अबैत अछि. अपना जनैत रूपांतरणमे ठाम-ठाम बेस साकांक्ष हेबाक प्रयत्न केने छथि. शब्द चयनक क्रममे कतहु सटीक मुदा कतहु रूपांतरण मे हूसल सेहो छथि. तुकबन्दी हेतु मात्रामे छूट लैत किछु पाँतिकें सहज रूपे प्रस्तुत करब सेहो नीक लगैछ.
तुकबन्दी मे मात्राक ध्यान सावधानीपूर्वक लेलनि अछि मुदा कएक ठाम शब्द लेबामे मैथिली शब्दक विकल्प रहितो मूल शब्दक प्रयोग एकरत्ती अखरैत सन लगैछ, यथा कच्छप केर स्थान पर काछु लेल जा सकैत छल आ एहेन-एहेन कतेको शब्द जे पाठ करबा काल बेर-बेर सोझा अबैत अछि. लेखकक मंतव्य छनि सरल शब्द प्रयोगक प्राथमिकता, तें एहि गप्प दिस ध्यानाकर्षण कराएब उचित सन बुझना गेल. जेनाकि एकर ऑडियो सेहो निकलल अछि त’ संभव अछि जे गेयधर्मिताक पालन हेतु मीटर मे नै आएब बाध्यता सेहो एक तर्क भ’ सकैत अछि. आर बहुत रास नीक-बेजाए तथ्य जे पाठ करबाक क्रममे सोझा आएल जकर किछु जिम्मा अपने लोकनिक सेहो जे ई विलक्षण पोथी मंगाबी,पाठ करी आ लेखकद्वयकें यथोचित प्रतिक्रिया सँ अवगत करबियनि जे अगिला संस्करण धरि आर बेसी निखरिक’ सोझा आबय.
सरल मैथिली रूपांतरित सुन्दरकाण्डक सद्प्रयास देखि कहल जा सकैछ जे स्थायी रूप सँ शहरी परिवेश मे रहितो एहि दम्पतिकें अपन भाषा आ संस्कारक प्रति जे चेतना आ कृतज्ञताक बोध छनि से हिनका लोकनिकें विशेष बनबैत छनि. ई कहबा मे कनेको असोकर्ज नहि जे हिनका लोकनिक ई प्रयास सराहनीय अछि.
पोथिक मोल यथासाध्य नियमित पाठ आ पोथी प्राप्ति हेतु दीपक फाउंडेशन वा लेखक सँ सम्पर्क कएल जा सकैछ.
संकटमोचन हनुमान जीक कृपा दृष्टि सँ हिनका लोकनिक यशोगानक चर्च होइत रहनि ताहि आशा अपेक्षाक संग एक सिनेही पाठक दिससँ हार्दिक मंगलकामना !

Thursday, June 14, 2018

मिथिला रंग महोत्सव-२०१८ मे ज्योतिरीश्वर रंगशीर्ष ओ श्रीकान्त मंडल सम्मान

१० जून २०१८ (रविदिन) कमैथिली लोक रंग (मैलोरंग) द्वारा दीनदयाल उपाध्याय मार्ग दिल्ली स्थित राजेन्द्र भवन मे एक दिवसीय मिथिला रंग महोत्सवक आयोजन कुल चारि सत्र मे संपन्न भेल . पहिल सत्रक प्रारम्भ मैलोरंगक निदेशक डॉ. प्रकाश झाक स्वागत संभाषण आ रंग संगीत नामक कार्यक्रम सँ भेल. रंग संगीतक प्रस्तुति मे मुख्य गायन छल राजीव रंजन झा केर जाहिमे कोरसक रूपमे रंगकर्मी मुकेश झा, ज्योति, सोनी, मनीषा, विवेक,नितीश,अपर्णा,सुदीप,मनीष,अक्षय रंजन,अंकित,विकास,प्रशान्त,प्रसून नारायण,स्वाभिमान आदि लोकनिक महत्त्वपूर्ण भूमिका छल. एकर निर्देशन केलनि दीपक ठाकुर. संगीत मे मजगूत पकड़ रखनिहार दीपक ठाकुर मूलतः सीतामढ़ी जिलाक सुरसंड गामक निवासी छथि, इंदिरा गाँधी मुक्त विश्वविद्यालय सँ नाट्यकला मे एम.ए. संगहि गीत एवं नाटक प्रभाग, भारत सरकार सँ अनुबंधित संस्था नगीना आर्ट्स कें संस्थापक छथि. रंग संगीत मे मैलोरंग द्वारा पूर्वमे मंचित नाटक मणिमंजरी,धूर्तसमागम,काठक लोक,आबि मानि जाउ,चान चकोर,जल डमरू बाजय आदि नाटक मध्य प्रयोग भेल मुख्य-मुख्य गीतक प्रस्तुति भेल. २० मिनट धरि चलल रंग संगीत अपन उत्तम प्रस्तुति सँ लोककें मुग्ध करैत अंत धरि बान्हि रखबामे सफल रहल.

दोसर सत्र सम्मान ओ पुरस्कारक छल. ध्यातव्य अछि जे मैलोरंग द्वारा रंगकर्मक क्षेत्र मे विशिष्ट योगदान देनिहार व्यक्तित्वकें वर्ष २०१० सँ नियमित रूप सँ ज्योतिरीश्वर रंगशीर्ष सम्मान एवं वर्ष २०११ सँ रंगकर्मक क्षेत्र मे सक्रिय ओ समर्पित एक युवा रंगकर्मीक चयनक आधार पर श्रीकांत मंडल सम्मान सँ सम्मानित कएल जाइत अछि. उक्त दुन्नू सम्मान हेतु ५,१००/- केर राशि, पुष्पगुच्छ आ स्मृति चिन्ह प्रदान कएल जाइत अछि. वर्ष-२०१८ केर ज्योतिरीश्वर रंगशीर्ष सम्मान सँ सम्मानित लालगंज,मधुबनीक निवासी मन्त्रेश्वर झा सेवानिवृत आइ.ए.एस. अधिकारी छथि, वरिष्ठ नाटककार,रंगचिन्तक, अरिपन नामक संस्थाक संस्थापक अध्यक्ष, पोथी कतेक डारि परहेतु साहित्य अकादेमी सम्मान सँ सम्मानित आ नाटक,एकांकी,कविता संग्रह,व्यंग्य आदि विधा पर मैथिलीक संग-संग हिन्दी आ अंग्रेजी मे सेहो समान हस्तक्षेप रखै छथि. रंगकर्मी लोकनिक जीवन संघर्ष सँ प्रभावित मन्त्रेश्वर झाक उदारवादी स्वभाव तखन सार्वजनिक रूपे सोझा आएल जखन ओ मैलोरंगक रंगकर्मी लोकनिक प्रोत्साहन हेतु ५१,०००/- राशिक चेक मैलोरंग निदेशक डॉ. प्रकाश झाकें तत्क्षण हस्तगत केलनि.
दोसर सम्मान कोलकाता मे मैथिली रंगमंच स्थापित केनिहार श्रीकान्त मंडलक नाम सँ श्रीकान्त मंडल सम्मान-२०१८ मोकरमपुर,मधुबनी निवासी रविभूषण मुकुल कें देल गेल. इप्टा,मधुबनी सँ रंगकर्मक शुरुआत केनिहार अनेको नाटकमे अभिनय-निर्देशन केलनि आ वर्तमान मे बाल रंगमंच सँ जुड़ल निर्देशक आ प्रशिक्षक छथि आ किलकारी, पटना सँ आबद्ध छथि. हिनक प्रशिक्षित बाल कलाकार ज़ी टीवी केर प्रसिद्ध रिएलिटी शो इंडियाज बेस्ट ड्रामेबाज’, हिन्दी फ़िल्म माँझी दमाउन्टेन मैन’ , ‘कपिल शर्मा शोआदि कें बाद वर्तमानमे ऋतिक रोशन अभिनीत फ़िल्म सुपर-३०संस्थापक आनन्द कुमार पर बनि रहल फ़िल्ममे १५ गोट प्रशिक्षित बाल कलाकार कें लशूटिंग करहलाह अछि. सम्मान आ पुरस्कार वितरण सत्रक आमंत्रित अतिथि छलाह एन.एस.डी. केर पूर्व निदेशक डॉ. देवेन्द्र राज अंकुर, आईटीबीपी महानिदेशालय केर महानिदेशक राकेश कुमार मिश्र आ मैथिली-भोजपुरी अकादमी, दिल्ली सरकारक उपाध्यक्ष नीरज पाठक. मंच सञ्चालन केलनि प्रो. देवशंकर नवीन.

मैलोरंगक सक्षमता आब एहि बातक द्योतक अछि जे वैश्विक रंगमंचक सोझा मैथिली मे नित नवीन प्रयोग सँ दर्शक कें अचंभित करैत रहल अछि. एहि प्रयोगक उपयोग करैत एहि बेर नेशनल माइम इंस्टिट्यूट सँ मूक अभिनय मे प्रशिक्षित विवेक कुमार साह जेकि मूलतः तेहवारा, मुजफ्फरपुरक निवासी छथि द्वारा रचित,निर्देशित आ अभिनीत मूकाभिनय खाली झोड़ा१२ मिनट धरि दर्शककें आकर्षित करबामे बेस सफल रहल. विशेष प्रतिभाक धनी विवेक नाट्यकर्म मे गहन प्रशिक्षण हेतु मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय मे सेहो चयनित भेलाह अछि.

महोत्सवक अंतिम आ महत्त्वपूर्ण सत्र छल जानकी परिणय (कथा संकीर्तन)’. जानकी परिणय प्रसिद्ध व्यास स्व. राममिलन ठाकुर केर पावन स्मृति मे राखल गेल छल जेकि व्यास जी द्वारा दिल्ली मे किछु वर्ष पूर्व दस दिनक प्रवास मे रहि मैलोरंगक कलाकार लोकनिकें प्रशिक्षित कएल गेल छल आ ताहि महत्त्वपूर्ण उपलब्धिक प्रति मैलोरंग द्वारा कृतज्ञता ज्ञापनक ई एक सुअवसर छल. ज्ञात हो कि वर्ष २०१६ मे भारत रंग महोत्सव मे मैलोरंगक पहिल प्रवेश लोक कला प्रस्तुतिक रूपमे जानकी परिणय सँ भेल छल. कथा संकीर्तनक परिकल्पक,गायक आ निर्देशक छलाह राजीव रंजन झा. गायन, निर्देशन आ अभिनय मे निपुण एवं संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार सँ मैथिली लोकगीत वास्ते स्कॉलरशिप प्राप्त राजीव मूलतः बरगाँव,सहरसाक निवासी छथि. वर्तमान मे मैलोरंगक अधिकाधिक नाटकक संगीत आ गायनक जिम्मा दीपक ठाकुर वा राजीव रंजन झा नीक जेंका सम्हारैत रहलाह अछि तैं हिनका लोकनि सँ दर्शकक अपेक्षा बढ़ब स्वाभाविक, मुदा एहि बेर जेनाकि प्रथम आ अंतिम सत्र संगीत आधारित छल आ मुख्य गायनक स्वर राजीव रंजनक छलनि ताहि हिसाबे बीच-बीच मे असंतुलित गायन शैलीमे किछु सुधारक गुँजाइश स्पष्ट देखल गेल .  कथा संकीर्तन मे हिनक मुख्य स्वर आ कोरस उपर्युक्त रंग संगीत समूहक कलाकार लोकनिक छल. प्रोफेशनल कोरियोग्राफर आ रंग अभिनेता रमण कुमार एहि बेर सखी (नटुआ) कें रूप मे प्रस्तुत भेलाह. रमण विभिन्न नाटक मे अभिनेता वा सूत्रधारक रूपमे देखल जाइत रहलाह अछि मुदा हिनक एहि नटुआ रूपक बेस प्रशंसा होइत रहल आ हिनक सखीक रूपमे ज्योति, मनीषा, अपर्णा, सोनी आदिक सेहो नीक योगदान रहल. जानकी परिणय मे रामक स्वरुप मे संजीव कुमार, सीताक स्वरुप मे मनीष कुमार आ लक्ष्मणक स्वरुप मे आदित्य राज प्रस्तुत भेलथि. ४० मिनटक कथा संकीर्तन मे गायन समूह ऊर्जा निरंतर बना रखलनि आ संगहि दर्शककें मनोरंजन करैत रहबामे सफल रहलाह. 

आयोजन मध्य एक विशेष आकर्षण छल जे मन्त्रेश्वर झा केर आजुक दिन वैवाहिक वर्षगाँठ आ एहि उपलक्ष्यमे कलाकार द्वारा हिनका दुन्नू बेकतीकें मंच पर बजा राम-जानकी परिणयक संग-संग हिनको लोकनिक जयमाल करओलनि. आश्चर्यचकित करयबला एहि विलक्षण उपहार सँ दुन्नू गोटे बेस भावुक होइत कलाकार लोकनिक प्रति आभार व्यक्त केलनि.

मिथिला रंग महोत्सवक परिकल्पक डॉ. प्रकाश झा, संयोजक दीपक ठाकुर, आयोजन प्रमुख मैलोरंग चीफ मुकेश झा, प्रचार-प्रसार हेतु उत्कृष्ट ब्रोशर डिजाइनिंग एवं प्रोजेक्टर संचालनमे दक्ष संजीव कुमार बिट्टूआ सहयोगी संस्थाक रूपमे बारहमासा, ग्रामज्योति, पूरा परफॉर्मिंग आर्ट्स, रंगकोसी, कलरव्हील, संजीवनी, जयजोहार, मलंगिया फाउंडेशन, नगीना आर्ट्स, संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार, मैथिली भोजपुरी अकादेमी दिल्ली सरकार एवं कला,संस्कृति एवं भाषा विभाग दिल्ली सरकारक भूमिका सेहो सराहनीय रहल.
मैलोरंग संस्था आ संस्था द्वारा वर्ष २०१८ मे आयोजित एक दिवसीय महोत्सवक सफलताक कारण नवसंधान, तकनीकी रूप सँ गंभीर, कुशल नेतृत्व, समुचित मार्गदर्शन, रंगकर्मी लोकनिक उत्साह, लगन, समर्पण, अनुशासन आ ताहू सभ सँ पैघ बात जे नियमित प्रेक्षकक विश्वास सँ मैथिली रंगजगतक एहि प्रतिष्ठित संस्थाकें समुचित सहयोग आ समर्थन भेटैत रहल अछि. मैलोरंग आ मैलोरंगक प्रत्येक सदस्यकें हार्दिक बधाइ ओ उत्तरोत्तर उन्नतिक शुभकामना !  

Friday, May 25, 2018

मैथिली लघु फिल्म 'इतिहास (द प्राइड ऑफ मिथिला)' स्क्रीनिंग शो

चमन टेलीमीडिया प्रस्तुत वीर लोरिकक कथांश पर आधारित अनिल मिश्रा, जानबी झा, मुन्ना चमन,अतुल आदि अभिनीत आ किसलय कृष्ण निर्देशित मैथिली लघु फिल्म 'इतिहास (द प्राइड ऑफ मिथिला)' केर स्क्रीनिंग शो दीनदयाल उपाध्याय मार्ग,दिल्ली स्थित राजेन्द्र भवन मे संपन्न भेल। समारोहक प्रारम्भ गोसाओनिक गीत जय-जय भैरवि सँ भेल आ तदुपरान्त अतिथि लोकनिकेँ स्मृति चिन्हक रूपमे इतिहासक प्रिंटेड कप दय सम्मानित कएल गेल। स्वागत भाषण इतिहास फिल्मक अभिनेत्री जानबी झा द्वारा कएल गेल। फिल्मक निर्देशक किसलय कृष्ण एहि फिल्मक निर्देशकीय अनुभव विस्तृत रूपमे साझा केलनि। मुख्य अतिथि डॉ. शेफालिका वर्मा, विशिष्ट अतिथि नीरज पाठक (उपाध्यक्ष मैथिली-भोजपुरी अकादमी), उद्घाटनकर्ता विनोद कुमार झा, सत्रक अध्यक्षता वरिष्ठ अभिनेता शुभ नारायण झा आ दिल्ली एनसीआर मे किछु गणमान्य व्यक्तित्व जे प्रायः मिथिला-मैथिली सँ जुड़ल प्रत्येक कार्यक्रम मे उपस्थिति रहैत अछि हुनका लोकनिक सान्निध्यमे २८ मिनटक फ़िल्म प्रदर्शनक उपरान्त परिचर्चाक क्रममे किछु त्वरित आ महत्त्वपूर्ण प्रतिक्रिया सेहो भेटल। वक्ता लोकनि नीक-बेजाए कएक टा पक्ष पर अपन-अपन दृष्टिकोण रखलनि। जानबी झा आ अतुल दू गोट कलाकार शूटिंग मे भेल अपन अनुभव सेहो साझा केलनि। सञ्चालनक जिम्मा मनीष झा बौआभाइ केँ देल गेल छल आ अंत मे शुभनारायण झाक अध्यक्षीय वक्तव्य उपरान्त फ़िल्म निर्देशक आ एहि समारोहक आयोजक किसलय कृष्ण द्वारा धन्यवाद ज्ञापित कएल गेल। ए. के. दास आ रामबाबू सिंह मधेपुरक संयोजनमे आयोजित समारोह सफलतापूर्वक संपन्न भेल।

Saturday, April 07, 2018

मिथिला स्टूडेंट यूनियन मनौलक अपन तेसर स्थापना दिवस


दिनांक-२५ मार्च,२०१८ क’ दिल्लीक कॉन्स्टिट्यूशन क्लब (मावलंकर हॉल) मे मिथिला स्टूडेंट यूनियन केर तेसर स्थापना दिवस पर आयोजित संगोष्ठी सह सांस्कृतिक कार्यक्रमक शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन सँ भेल तदुपरान्त भारतीय युवा केर तीन आदर्श वीर क्रांतिकारी क्रमशः भगत सिंह,राजगुरु ओ सुखदेवक फोटो पर माल्यार्पण कएल गेल । मिथिला मे कुव्यवस्थाक प्रति बदलाव ओ क्रांतिकारी विचारधाराक संग एमएसयू केर नेआओ रखनिहार अनूप मैथिल, रौशन मैथिल, अविनाश भारद्वाज आदि लोकनि पाग-डोपटा-माला सँ सम्मानित कएल गेलाह। एहि बेरुक कार्यक्रमक सञ्चालन क’ रहल कमलेश मैथिल आदि सँ अन्त धरि समान उर्जाक संग अनुशासित ढंग सँ अपन महत्त्वपूर्ण भूमिकाक निर्वहन करैत सफलतापूर्वक सञ्चालन केलनि । कार्यक्रमक मध्य उद्घोषक राधे भाइक अल्पकालीन उपस्थिति सेहो कार्यक्रम केँ रोचक बनौलक । राधे भाइ स्पष्टवादी विचारधाराक संग एक गोट महत्त्वपूर्ण प्रश्न ठाढ़ केलनि जे मात्र मिथिला-मिथिला केला सँ नै, मिथिला लेल काज केला सँ आन्दोलनक सार्थकता हेतैक आ से काज मिथिला स्टूडेंट क’ रहल अछि।
गायनक नव प्रतिभा मे स्नेहा झाक स्वर मे गाओल ‘जय-जय भैरवि’,’मंगलमय दिन आजु हे’ केर संग प्रारम्भ भेल संगोष्ठी सह सांस्कृतिक (मिश्रित सत्र) कार्यक्रम मे अतिथिक रूपमे प्रो.आर.एम. भारद्वाज,एम. के.झा,पंकज प्रसून,विजय झा,सी.ए. रंजय मिश्र,नवोत्तम मिश्र, अमित झा आदि लोकनिक द्वारा मिथिलाक वर्तमान परिदृश्य, मिथिला विश्वविद्यालयक पूर्वक स्थिति आ वर्तमानक तुलना करैत एमएसयू द्वारा छात्र संघ चुनाव मे हस्तक्षेप, मिथिला क्षेत्र मे औद्योगीकरण केर प्रति उदासीनता,लिपि संरक्षण,मैथिली मीडियाक आवश्यकता,इकोनॉमिक रिफाउंड्स ऑफ मिथिला आदि केंद्रित विषय पर अपन-अपन वक्तव्य रखलनि।
एमएसयू द्वारा एहि बेर एक अद्भुत प्रयोग कएल गेल छल, नव प्रतिभाकेँ सोझा अनबाक। एक-दू गोट नाम जेना दिलीप मधुबनिया,श्वेता शर्मा आदिकेँ जे विगत किछु साल सँ मंचक अनुभव रखैत छथि तिनका संग प्रस्तुत भेलीह मोनी झा,धीरज मिश्र,अरविन्द सिंह,भास्कर भोला,गगन आनंद,एंजिल वर्मा ,संगम झा,कंचन,श्वेता झा,संदीप शाण्डिल्य, नूनू झा,शिव कुमार झा,गुलशन,निधि,टीना झा,दीपक झा आदिकेँ वास्ते ई अवसर भेटब सेहो हुनका लोकनिक वास्ते एक उपलब्धि रहल। ओना त’ समस्त गायकक प्रयास सराहनीय मुदा गायक आ वादकक बीच बिना कोनो पूर्वाभ्यासक कारणे तालमेल नहि बनि पेबाक बावजूदो अपन स्वर पर आत्मविश्वास रखैत जे अद्भुत प्रस्तुति देलनि ताहि तीन कलाकारक प्रति (अरविन्द सिंह,एंजिल वर्मा आ संगम झा) दर्शक दीर्घा सँ ‘एक टा आर (वन्स मोर)’ केर माँग होइत रहल मुदा कलाकारक संख्या बेसी हेबाक कारणे संचालक बाध्य छलाह । हिमांशु मुरारी द्वारा ‘उगना रे मोरा कतय गेलाह’ पर कएल सुन्नर अभिनय सेहो सराहनीय रहल। समयाभावमे एक-दू टा कलाकार अपन प्रस्तुति देबा सँ वंचित रहलाह।
मिथिला स्टूडेंट यूनियन अपन कार्यकुशलताक उत्तम परिचय दैत समय-समय पर समाजक सोझा एक विकल्प बनि ठाढ़ होइत रहल अछि आ कहल जा सकैछ जे जन जागरूकतामे सेहो सफल भूमिका निमाहि रहल अछि। विभिन्न मंचक माध्यम सँ संगठित युवा लोकनिक कार्यक सराहना आ सम्मान सेहो होइत रहल अछि। एहि तेसर स्थापना दिवस पर दिल्लीक मंच पर अपन कार्यकर्ता लोकनिक सराहना करैत महिला टीम, कार्यक्रम मे सहभागिता हेतु उपस्थित दिल्ली सँ बाहरक टीम, मिथिला/बिहार सँ आएल टीम, दिल्ली/एनसीआर आ आन-आन ठामक क्षेत्रवार नवगठित टीम आदि केँ उत्साहवर्द्धन हेतु मंच सँ सम्मानित करब सेहो कार्यक्रमक आकर्षण रहल। उक्त आयोजन मे पीयर वस्त्र सँ सजल दर्शक दीर्घा सँ ल’ क’ मंच धरि मावलंकर हॉल मे बसंतक अनुभूति होइत रहल।
प्रायः सभ क्षेत्रक टीमक प्रतिनिधिक रूपमे स्थानीय अध्यक्ष केँ सम्मानित करैत अपन अनुभवक सन्दर्भ मे बजबाक अवसर देल गेल जाहिमे किछु सेनानी जत्तेक मेहनैत क’ रहल छलाह ततबा कहि नहि पाबि रहल छलाह,मुदा किछु सेनानी जे प्रखरता सँ अपन बात कहि गेला ताहिमे रणधीर झा,अविनाश भारद्वाज, सागर नवदिया आ टुन्ना जीक वक्तव्य बेस प्रभावी छल।
कार्यक्रमक सफल आयोजन हेतु मंच सँ दूर मुदा मंच व्यवस्था केँ सुव्यवस्थित करबामे निःस्वार्थ भाव सँ समर्पित सेनानी नितीश कर्ण आ एमएसयू दिल्ली प्रदेशक तत्कालीन अध्यक्ष प्रकाश मैथिलक संग देइत अभि आनंद,विक्की दूबे,धीरू मिश्रा, सचिन झा,विपिन झा,आलोक ठाकुर, राकेश झा,अशोक झा,सन्तन मैथिल,धीरज चौधरी,कविता झा, प्रशांत झा,मधुलता मिश्रा,प्रिया पुतुल झा,सोनी सूरज चौधरी,अमित झा, रंजीत झा, बिट्टू, गौतम, सुरेश मंडल, प्रवीण झा, उग्र नाथ झा सन-सन सैकड़ो युवा/युवतीक मेहनैत हॉलक व्यवस्था सँ ल’ क’ उपस्थित मैथिल लोकनिक मुँह पर प्रसन्नता देखिते बनैत छल।