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Thursday, June 12, 2014

रमानाथ झा (निर्माता-निर्देशक)


मधुबनी जिलान्तर्गत हरिपुर गौरीदास टोल के रहनिहार श्री रमानाथ झा छात्र जीवनमे मैथिली आ हिन्दीकें रंगमंच पर कतेको नाटकमे अपन अभिनय स' चर्चित रहला अछि। अध्ययनकें क्रममे दिल्ली आबि अर्थशास्त्र स' स्नातक केलाक उपरान्त एक्सपोर्ट मैनेजमेंट के कोर्स क' स्वतंत्र व्यवसायमे संलग्न भ' गेला मुदा अभिनय आ भाखाक प्रति प्रेम मैथिली फिल्म निर्माणमे डेग बढ़ेबा लेल बाध्य कय देलकनि।बहुचर्चित निर्माणाधीन मैथिली फिल्म "हाफ मर्डर" केर निर्माता-निर्देशक रमानाथ जीक संग दिल्लीमे भेल हमर भेंटवार्ताक किछु अंश :

अपनेंके फिल्म निर्माणक क्षेत्रमे प्रवेशकें संजोग बुझल जाए वा पूर्वे स' नियार-भास केने छलौं ?
अभिनयकें त' पहिले स' अनुभव छल आ ३-४ साल धरि पटना में रंगमंच स' जुडल सेहो छलौं मुदा ओहि समयमे बहुत ज्यादा प्लेटफार्म और कमाइकें कोनो तेहेन निश्चितता नँइ छलै । हमरा लोकनि चंदा क'' नाटक करैत छलौ और सब कलाकार सब अपने स' टिकट बेचैत छलौ ताहि ल'' भविष्यकें चिंता स्वाभाविक छल। किछु दिनक पश्चात दिल्ली एलौं,अर्थशास्त्र स' ऑनर्स केलौं आ तकरा बाद नौकरी करैत कंप्यूटर के कोर्स केलौं। भोरमे कम्प्यूटर आ सँझुका समयमे एक्सपोर्ट मैनेजमेंट के कोर्स करैत दिनमे नौकरी सेहो करैत छलौं। १३ वर्ष धरि नौकरी केलाक बाद हम अप्पन एक्सपोर्ट के व्यवसाय शुरू केलौ जखन किछु आर्थिक स्थिति ठीक भेल त' तकरा बाद फिल्म निर्माण दिस झुकाव भेल कियैक त' मोनक कोनो कोनमे अधूरा सपना घर केने छल लगैत छल जे किछु अपन समयमे नँइ क' सकलौ से आब कएल जा सकैत अछि। एहि फिल्म स' पूर्व एक-दूटा प्रोजेक्टकें प्रस्ताव आयल मुदा पसंद नँइ भेल।पिछला साल २०१२कें सितम्बर में नवीन विषय वस्तु पर आधारित ई प्रोजेक्ट भेटल और हमरा कथानक और घटनाक्रम नीक लागल और माँ जानकीकें कृपा स' आगू बढ़ैत गेल आ बहुत जल्दी दर्शक के सोझा आबय बला अछि।

अपनेक प्रदर्शित होमय बला मैथिली फिल्म "हाफ मर्डर" बेस चर्चामे अछि, निर्माता के रूपमे अपनेकें केहेन अनुभव रहल अछि ?
एकर किछु कारण एना अछि-घटना नवीन छैक , कथानक सेहो समाजिक अछि आ समाजक बीच के अछि , कलाकार सब मैथिलीभाषी छथि , शूटिंग बेसी स' बेसी हमसब मिथिला क्षेत्र में केने छी आदि।

फिल्मक कथा कोन घटना पर आधारित अछि आ मनोरंजन के दृष्टिकोणे एहिमे की सब फेंटफांट कएल गेल अछि सेसंक्षेपमे जनतब देल जाउ ?
"हाफ मर्डर" के २-३ टा बात मुख्य अछि जाहि विषयवस्तु के ल'' हमसब ई फिल्म निर्माण केलौ जेनाकि-
१. अपरिपक़्व उमेरमे प्रेम आ ओकर दुष्परिणाम
२. समाज शिक्षित रहितो मिथ्यावादिता के शिकार
३. समाज के किछु ख़राब मानसिकताक लोक द्वारा अपन स्वार्थ के लेल समाज के सूली पर चढ़ा देनाइ आदि।
सबटाकें जोरिक' एकटा नीक फिल्मकें निर्माण भेल अछि जाहि में एक्शन छै, रोमांस छैक , ट्रेजेडी छैक, सुन्नर गीत-संगीत छैक जे दर्शककें भरपूर मनोरंजन करेतनि।

फिल्मक सफलतामे परदाक सोझा आ पाँछाक एक-एक पात्रक/कलाकारक महत्त्वपूर्ण योगदान होइछ एहि सभ बातकें धेआनमे रखैत फिल्म के व्यावसायिक रूपे प्रस्तुत करबा लेल केहेन-केहेन पात्रक/कलाकारक चयन केने छी आ हुनका लोेकनि स' केहेन उम्मीद रखने छी ?
मिथिलामे कलाकारकें आ प्रतिभाक कमी नँइ छैक आ हुनका सब पर पूरा विश्वास करैत एहि फिल्मकें निर्माण भेल अछि। सबगोटे अपन-अपन क्षेत्र आ विधामे पूरा मेहनतस' काज केलनि अछि, चाहे ओ प्री-प्रोडक्शन हो वा पोस्ट प्रोडक्शन सबगोटा अपन अपन १००% देलखिन अछि। फिल्म के अभिनेता कृष्णा मिश्रा जहिना मासूम आ मेहनती छथि तहिना हीरोइन स्वेता वर्मा बहुत आकर्षक आ कमाल के अभिनेत्री छथि, खलनायक नवीन चौधरी बहुत नीक कलाकार छथि, सतेंद्र झा बहुत अनुभवी कलाकार छथि, सागर जी सीनियर कलाकार छथि, सावित्री देवी ,गगन चौधरी, शशिमोहन, मंगलानन्द, सुधा झा, फैज़ल , मनीष, किरण शाह , गणेश, निशा, सुरेश, मनोज सब मैथिल कलाकार छथि आ सब गोटे अपन-अपन जिम्मेदारीक निर्वाह नीक जेंकाँ केने छथि, फिल्म के डायरेक्टर अरमान हैदर, सह-निर्माता श्री आदित्यनाथ मिश्रा जीकें सेहो भरपूर सहयोग भेटल।

एहि फिल्ममे कोनो तेहेन प्रयोगात्मक मसल्ला देलौं अछि जेकि मैथिलीक आन-आन फिल्म स' भिन्न हो ?
देखियौ मनीष जी ! मैथिलि समाजकें संस्कार आ संस्कृतिकें ध्यानमे रखैत हमसब सिनेमामे नवीनता देबाक प्रयास केलौं अछि।फिल्मांकन आ प्रस्तुति बिलकुल न'व अछि।फिल्म के शुरुआत में नयापन अछि , कैमरामैन सब जेनाकि अब्बास जी आ डीके राजू बहुत अनुभवी छथि बहुत रास प्रयोग केलनि अछि तहिना पंकज जीकें कमालकें एडिटिंग, वी एफ एक्स , ग्राफिक्स , डी आई आदि, यसुदास जीकें बैकग्राउंड म्यूजिक आ ५:१ के मिक्सिंग सब सेहो बेजोड़ अछि आ ई समूचा प्रयोग सिनेमा देखलाक बाद पता चलत। हँ! हम एतेक विश्वास दैत छी जे दर्शककें भरपूर मनोरंजन हेतैन आ पूरा फिल्मक नीक आनंद उठेता।

"हाफ-मर्डर"मे निर्माता के अलावा अपने सेहो कोनो चरित्र निर्वहन के भार लेने छी? जँ' हँ' ' केहेन भूमिका अछि ?
जी हँ! हमर एकटा सकारात्मक भूमिका अछि जेकि समाजक हितकें धेआनमे रखैत काज करैत अछि।

कलात्मक अभिरुचि पहिने स' छल वा एहि फिल्मक आवश्यकता अनुरूप निर्वाह कएल।
जेनाकि हम पहिने कहलौँ अछि हम जखन पटनामे ग्रेजुएशन करैत रही ताहि समयमे कलाकें क्षेत्रमे बहुत नीक-नीक संस्था सभक संग काज केलौ जाहिमे "इप्टा" संगे पूरा बिहारमे घूमि-घूमि क' बहुत नुक्कड़ नाटक सब केलौ। कतेको मैथिलि संस्था सबस' जुरलौ आ हमसब अपने एकटा संस्था सेहो बनेलौ "कला समिति" केर नाम स' । हमरा लोकनिक संस्था अंतर्राष्ट्रीय मैथिली नाट्य समारोह में हैट्रिक विजेता रहल मने १२ में स' ७ टा पुरस्कार हमर सभक संस्था के भेटल छल जखन कि नीक-नीक नाट्य संस्था सब स' प्रतिश्पर्धा छल जेनाकि "अरिपन" , "भंगिमा" नेपाल के किछु नाट्य संस्था आ करीब ८-१० टा आर संस्था छल। फिल्म हाफ मर्डर हम मात्र निर्माता रहए चाहैत छलौं कियैक त' हमर एक छोट-छिन व्यवसाय अछि आ बेसी व्यस्तता सेहो एक कारण छल। फिल्मक शूटिंगकें दौरान जखन हम कोनो-कोनो दृश्य स' सम्बन्धित राय -विचार आदि दियनि त' टीमक सदस्य लोकनि प्रभावित होमय लगला आ हमर अभिनय सम्बन्धी अनुभव स' ज्ञात होइत सब गोटे कहला जे अहूँ एकटा किरदार बनू, जखन एकटा दृश्य शूट केलौं त' सबके बहुत नीक लगलनि आ बहुत तारीफ केलनि आ फेर हमरा ओहि चरित्र निर्वहन वास्ते स्वीकृति देमय परल आ स्वयं बहुत ख़ुशी भेल जे सबटा पुरनका गप फेर स' 'व भ' गेल। हम अपना दिसस' पूरा कोशिश केलौ अछि नीक अभिनय करबाक आशा अछि जे दर्शक के पसीन परतनि।

आधुनिक जुगक दर्शक लोकनिक सबस' बेसी झुकाव संगीत दिस होइ छनि मने संगीत हिट त' फेर फिल्मक कथा जँ' कनिको जानदार अछि त' बुझू पूरा फिल्म हिट । संगीत पक्षकें मजगूत बनेबा लेल की नवप्रयोग केलौं अछि ?
हमर व्यक्तिगत अनुभव अछि जे गिनल चुनल मैथिली सिनेमा के छोरि बेसी सिनेमा में संगीत पर ध्यान नँइ देल जाइत अछि एकरा पाँछाँ की कारण छै से त' नँइ कहि सकैत छी मुदा जहाँ तक "हाफ मर्डर"के बात अछि हम अपनहु संगीतक प्रेमी छी और पूरा प्रयास केलहुँ अछि जे श्रोता सबकें गीत-संगीत पसीन परनि जाहि के लेल सबटा ट्रैक लाइव बजबेने छी और वाद्य-यंत्र बजब' बला कलाकार सब सेहो बेस अनुभवी छथि, गीत वास्ते प्रसिद्ध गीतकार सब जेनाकि डॉ चंद्रमणि जी , श्री सरस जी सन-सन वरिष्ठ गीतकार लोकनि सब गीत देलनि अछि। गायनमे अपन सुन्दर स्वर देलनि अछि श्री रविन्द्र जैन, श्री उदित नारायण झा, सुश्री कविता कृष्णामूर्ति , मोहम्द अज़ीज़ , श्री कुमार शानू , श्री शान आ मैथिली के जानल मानल प्रसिद्ध कलाकार जेनाकि- श्री ज्ञानेश्वर दुबे, श्री सुनील पवन, श्री विकास झा , सुश्री राधा पाण्डेय, श्री शैलेश आदि। नृत्य निर्देशन ऋतुराज जी के छनि।

मैथिली फिल्म उद्योगमे समर्पित बहुतो एहेन प्रतिभावान कलाकार छथि जे अपन प्रतिभाकें बल पर मिथिला-मैथिली के उत्तरोत्तर विकासमे सहायक भेलाह अछि, हुनक प्राथमिकता नँइ देइत अमैथिल कलाकारकेँ प्राथमिकताएक प्रश्नचिन्ह लगबैछ या त' हुनक प्रतिभामे कमी छनि वा "बाड़िक पटुआ तीत" कहावतकें चरितार्थ करैछ । अहाँ एक सक्षम निर्माता केर रूपमे अपन पक्ष राखल जाउ ।
अहाँक एहि बात स' हम सहमत नँइ छी आ जिनकर किनको ई आरोप छनि बिलकुल गलत छनि।देखियौ! मैथिलि फिल्म उद्योगकें बढ़ाब' के लेल हम ९०% शूटिंग मिथिलांचल में केलौ अछि जेनाकि- दरभंगा, सीतामढ़ी, सकरी, जयनगर इत्यादि जगह सभ पर।सिनेमामे जतेक कलाकार छथि सबगोटे मैथिल छथि, हँ' किछु टेक्नीशियन बाहरी छलाह जेनाकि- निर्देशक, कैमरामैन आदि जकर अपन मिथिलांचल में अभाव अछि। दोसर बात जहाँ तक संगीतकें छै हमर व्यक्तिगत अनुभव आ सोच अछि जे संगीत कोनो भी सिनेमा के रीढ़ होइत छैक और पुरान अनुभव के आधार पर देखल जाय त' २-३ टा सिनेमा के छोरि दियौ त' बेसी सिनेमा के गीत सब लोकप्रिय नँइ भेल अछि,आब एकर कारण की छल से त' श्रोता सब कहि सकैत छथि। आजुक तिथिमे सिनेमा बहुत रास बनल आ कतेको निर्माणाधीन अछि। श्रोता सबके मनोबल जे टूटल छनि आ दर्शक सबके जे मैथिली सिनेमा स' बहुत ज्यादा लगाव नहीं छनि इहो एकटा कारण छल हमरा प्रसिद्ध आ राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त गायक सबके चयन करय पड़ल आ ततेबा नँइ संगहि किछु मैथिल गायक सबकें सेहो मौका देल गेलनि अछि तँए ई मात्र आरोप अछि। फिल्मक संगीत निर्देशक सेहो मैथिले छथि।एतेक बात हम जरूर कहब जे संगीत के छेत्र में अपना सबके मेहनत करय पड़त किएक त' संगीत एकटा शिक्षा और साधना के विषय छैक और एहिके लेल कठिन पढाइ और तपस्या के जरुरत छैक ठीक तहिना जेनाकि हम सब विद्या उपार्जन के लेल विद्यालय में जाइत छी और जे जेहेन मेहनति आ लगन स' पढाइकरैत छथि ओ ओतेक आगू बढ़ैत छथि तहिना संगीत के ज्ञान के लेल जरुरी शिक्षा, लगन और मेहनत के आवश्यकता होइत छैक संगहि कलाकार सबके सेहो अभिनय केर प्रशिक्षण आ पढाइ के जरुरत छनि तहिना निर्देशन आदि सब छेत्रमे अध्ययन आ प्रशिक्षण केर आवश्यकता अछि।

मैथिली फिल्मक संग एक बड्ड पैघ बिडंबना रहल अछि जे शुरुआतीमे निर्माता आ निर्देशक के सम्बन्ध नीक रहैत छनि तत्पश्चात फ़िल्मक अंतिम चरण पहुँचैत पहुँचैत आपसी मतभेद वा सामंजस नँइ बनबाक कारणे निर्देशकक पूर्व घोषित नाम पर निर्माता के नाम सोझा अबैत अछि। अपने अपन अनुभव साझा कएल जाउ आ हाफ मर्डर के निर्देशकक रूप में हमरा लोकनिक सोझा के प्रस्तुत भ' रहल छथि ?
बहुत निक प्रश्न केलौं अछि। हमर व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर हम कहब जे निर्माता और निर्देशक कुनु सिनेमा के पेरेंट्स होइत छथिन आ सिनेमा हुनकर बच्चा। निर्माता फाइनेंस के काज करैत छथि आ निर्देशक ओहि सँ' सिनेमा के पाइल-पोइस क' तैयार करैत छथि। मैथिली फिल्म जगत एखन धरि स्थापित नँइ भेल अछि जाहि कारण स' प्रायः निर्माता और निर्देशक दुनू न'व रहैत छथि आ दुनूकें बीचक संबंध सेहो न'व रहैत छनि। किछु लोक जे दुनू पक्ष के जनैत छथि ओ सब जाने-अनजानेमे या त' ई सोइच जे चलू कहुना एकटा फिल्म त' बनत या फेर अपन निजी स्वार्थके कारणे बहुत किछ वास्तविकता के नुका दैत छथि आ निर्माताके बहुत रास सपना देखा क' तैयार क' लै छथि।जेनाकि बजट कम बता क' वा कमाइ ज्यादा बता क' इत्यादि ढ़ंग स'

दोसर बात निर्माताके कतेक अनुभव छनि वा की सब काज केलैन अछि तकरो बारे में गलत सूचना दैके प्रयास करैत छथि।निर्माता विश्वासके आधार पर काज बढ़बै छथि आ रुपैया खर्च करैत छथि, टीम बनैत अछि आ काज शुरू होइत अछि मने शूटिंग भ' रहल अछि, चूँकि तकनीकी रूपस' निर्माताकें ततेक अनुभव नँइ रहैत छनि हुनका बस ई पता रहैत छनि जे लोकेशन पर शूटिंग भ' रहल अछि। की भ' रहल अछि, कथानक के हिसाब स' ' रहल अछि की नँइ, सिनेमामे एहि सीन के उपयोगिता छै वा नँइ इत्यादि सब ज्ञात नँइ रहैत छनि, मुदा आब निर्माता लोकनि सेहो शूटिंग देखैत छथि। जतेक बजट पर बात भेल रहैत छनि ओतेक पाई खर्च भेलाके बाद पता चलैत छनि जे सिनेमा त' एखन आधा तैयार भेल अछि आ आधा शूटिंग बाँकी अछि तखन निर्माता घबरा क' वस्तुस्थिति के पता करैत छथि आ सच्चाइ ज्ञात भेलाक बाद निर्माता आ निर्देशक के बीच मतान्तर हएब स्वाभाविक अछि। वास्तव में कुनु सिनेमा जखन एडिटिंग पर जाइत छै तखन पता चलैत छै जे सिनेमा की बनबैत छलौं आ की बनल भेटल। मैथिलि सिनेजगतमे किछु फिल्म के छोरि अधिकांशमे इएह होइत रहल अछि जे कथानक किछु और रहैत अछि आ शूटिंग किछु आर भेल। एहि सभस' अनुभवमे कमीके साफ़ पता चलैत अछि। हम इहो कहब जे शूटिंग काल में एकटा एडिटर के जरूर रखबाक चाही जाहि स' ' रहल शूटिंग के नतीजा के अनुमान तत्क्षण लगाओल जा सकैत अछि ।

जखन निर्माता के निर्देशक के काज स' सन्तुष्टि नँइ होइत छनि चाहे ओ अनुभव के कमी स' हो वा बजट स' बेसी खर्च भेलाक कारणे हो या फेर अनाप सनाप सीन के शूटिंग स' हो आदि कतेको तरहक कारणे निर्माता निर्देशक के बीच मनमुटाव भ' जाइत छनि। जखन निर्माता पाइ लगबैत छथि त' हुनकर जिम्मेदारी होइत छनि जे फिल्म नीक ढंग स' बनि सिनेमा हॉल तक पहुँच जाइ चाहे ओहि के लेल जतेक फेर बदल करय पड़ै। दोसर दिस निर्देशक सिनेमा के छोइर अपन निजी स्वार्थ दिस अग्रसर भ' जाइत छथि जेनाकि सिनेमा जेहने बनल से बनल , नँइ बनल त' नँइ बनल, बक्सा में बंद करय के अछि त' ' दियौ आदि मानसिकताक संग निर्देशकके ओहि सबस' माने मतलब खत्म भ' जाइत छनि बस अपन चिंता रहैत छनि जे हमर नाम रहए आ हमरा आरो पाई भेटै। कतेक बेर त' निर्माता लोकनि ब्लैकमेलिंग सेहो होइत छथि मुदा जे जेहेन अनुभव के छथि ओ अपना अपना हिसाब स' मामलाके हैंडल करैत छथि। इएह सब किछु कारण अछि जे अंतमे बाध्यतावश निर्माता के निर्देशक में अपन नाम देबै पड़ैत छनि किएक त' जखन कुनु निर्देशक फिल्म के आधा रस्ता पर छोड़ि दैत छथिन तखन निर्माता ओकर ड्राइवर बनि सिनेमा हाल तक पहुँचाबै छथि । तइयो निर्माता लोकनि निर्देशक के पद के सम्मान करैत छथि आ ओहनो स्थितिमे कुनु एसोसिएट निर्देशक के नाम प्रत्यक्ष निर्देशकके रूपमे नँइ दैत छथि जखन कि सच्चाइ ई रहैत छै की समस्त एसोसिएट सब मिलके निर्माता के सहयोग करैत छथि ।

इहो बात बिल्कुल सत्य छै की अगर कुनु प्रोजेक्ट में अगर किछु व्यक्ति ख़राब आ अनुभवहीन रहैत छथि त' संगहि किछु नीक आ अनुभवी व्यक्ति सेहो रहैत छथि आ तखने कुनु प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक संपन्न होइत अछि मुदा जँ' ईमानदारी स' देखल जाय त' जे एक-दूटा एसोसिएट डायरेक्टर होइत छथि निर्देशकक पदके असली हक़दार ओएह होइत छथि। हमर फिल्ममे असली निर्देशक कहल जाय त' ओ छथि श्री अरमान हैदर काज़मी जेकि शुरु स' एखन धरि जी जान स' एहि सिनेमाके नीक स' नीक बनेबा लेल दिन-राइत एक केने छथि आ बहुत बेसी मेहनैत क' रहल छथि मुदा ओ तकनीकी निर्देशक छथि आ निर्देशक पद के सम्मान करैत हम अपन नाम द' रहल छी निर्देशक के लेल।

बहुतो एहेन उद्योगपति छथि जिनका लग ढ़ौआ पुष्ट छनि, मैथिली भाखाक प्रति प्रेम सेहो छनिहुनका लोकनिकेँ मैथिली फिल्म उद्योगक बढ़ैत डेगमे सहायक हेबा लेल आ निधोख भ' ' एहिमे आगाँ एबा लेल की आवाहन करबैन ?
हम सब गोटे स' आग्रह करबनि जे एखन मैथिलि फिल्म के आगू बढ़ाबय के लेल सुनहरा अवसर अछि तँए व्यावसायिक आ अनुभवी टीमके संग नीक विषयवस्तु पर जँ' सिनेमा बनाओल जाय त' मैथिली फिल्म उद्योग के सुन्दर दिशा भेटबाक बड्ड बेसी संभावना छैक।

फिल्मक निर्माणमे अत्यधिक व्यस्तता रहितो हमरा संग अपन व्यक्तिगत जीवन आ फ़िल्मक सन्दर्भमे जे किछु गूढ़ गप्प-सप्प साझा कएल ताहि लेल आभार आ आगामी फ़िल्म "हाफ मर्डर" के सफलता हेतु अपने आ अपनेक समस्त टीमकें हमर अग्रिम शुभकामना !
मनीष जी अपनहुकें बहुत बहुत धन्यवाद ! आशा करै छी जे मैथिली दर्शक फ़िल्मक प्रति जे सकारात्मक उम्मीद रखने छथि तकरा पूर करबाक प्रयास हमर पूरा टीम केलनि अछि।

Tuesday, April 15, 2014

विकाश झा (गायक सह अभिनेता)



मूलतः मधुबनी जिलान्तर्गत सिमरी (भोजपरौल) नामक गामक रहनिहार मैथिलीक सुप्रसिद्ध गायक विकाश झा जिनक एखन धरि आठ-न' भाखामे दर्जनों एलबम ,फिल्म,भारत सनेपाल धरि सांस्कृतिक कार्यक्रममे गायन, टी॰वी॰ चैनल पर कार्यक्रमक प्रस्तोता के रूपमे प्रसिद्ध आ मिथिलांचल केर बूढ़ सनेन्ना धरि मने सभ वर्गक लोक हिनक आवाज के प्रशंसक छथि । दिल्ली मे हुनका संग भेल हमर भेंटवार्ताके किछु अंश :

र में अहाँ सपूर्व संगीतक केहेन परिवेश रहल अछि आ अहाँके केहेन सहयोग भेटैत रहल अछि ?
जहाँ तक घरक परिवेश के गप्प अछि तहमर विश्वास करू, हमरा सपहिने संगीत में किनको कोनो खास अभिरुचि नञि छलनि आ नें कियो सक्रिय छलाह, मुदा किछु ने किछु संगीत सब में बसैत छैक जकर एक उदाहरण एना अछि- हमर बाबा के मुंहलगुआ छ्ल सोनमा, जकर घर हमरा घर सकरीब डेढ़ किलोमीटर दूर रहै आ बीच में चौरी रहै । बाबा के जहन कोनो बेगरता होइन तओतहि सहल्ला करथिन सोनमा छिऐ रै ! रै सोनमा ! ओ सुनि जाइ आ दौड़ल आबि जाइ । हमरा बुझने ओ टान (रेंज) बाबा सआबि गेल अछि । बाबूजी गाबथि तनञि मुदा फिल्म खूब देखै छ्लाह, ई बूझू जे भाव (फीलिंग) ओतआबि गेल अछि । माँ हमर विद्यापतिक गीत गबैत रहैत छलीह आ लोक व्यवहारक गीत सब लिखै छलीह,हालांकि हुनक लिखल एक पराती पूजब चरण हम तोरएक एलबम हे अम्बे मैयामें गेने सेहो रही । मिलाजुला कसभक किछु ने किछु अंश हमरा में निहित अछि । जहाँ तक सहयोगक गप्प छै तमाँ-बाबूजी, अर्द्धागिनी आ दुन्नू बालक (आदित्य आ अनूप) हमरा भरपूर सहयोग करैत छथि ।

अपन एकेडमिक शिक्षा दीक्षाक क्रम केना की रहल छै ?  
देखियौ भाइ इमानदारी के गप्प ई छै जे हमरा पढ़ाइ लिखाइ में कहियो मोने नञि लागय आ मैट्रिक-इंटर तक इएह लागय जे पढ़नाइ बाध्यता अछि, जहन कि पढ़लिखमें तेज रही, असगरुआ रही तघर में सभक ध्यान हमरा पर रहब सेहो स्वाभाविके छल,मुदा हमर ध्यान पढ़बेसी संगीत दिस लागल रहैत छल । ओना तहमर प्रारम्भिक शिक्षा कलकत्ता में भेल अछि कारण पिताजी ओतहि नोकरी में छ्लाह आ बाद में हम सब गाम आबि गेलौं तस्नातक धरिक शिक्षा फेर गामे दिस ससम्पन्न भेल ।

संगीतक क्षेत्र में एखन धरिक यात्रा के केहेन अनुभव रहल अछि आ एकरा कैरियर बनेबा लेल की की संघर्ष सब करपरल, विस्तृत जानकारी देल जाउ ?
जेना कि हम कहलौं अछि जे हमर पिताजी फिल्मक बड्ड शौकीन, ओ हमरा छोटे ससंगे फिल्म सब देखबजाइत छला आ कने कने स्मरण अछि किछु फिल्मक नाओं जेना- ममता गाबय गीत”, “निकाहआदि । हमरा बच्चे सएकटा आदति रहल अछि जे कोनो गायकक आवाज जे नकल करके । निकाहफिल्म में महेन्द्र कपूर के गाओल एक गीत अभी अलविदा मत कहो दोस्तोंबड्ड प्रभावित भेल छलौं आ ओतहि सगीत गेबाक सख हेबलागल । किछु दिनक बाद जहन गाम एलौं तगामक नाटक सब में लड़की के रोल हमरे करबाक रहैत छल ।  एकटा नाटक कच्चे धागेमें हमरा हीरो के प्रतीक्षा में एक गीत गाबक छल बड़ी देर भयो नंदलालाई गीत गबितहि लोक सभक प्रशंसा,ईनाम आ थोपड़ी तहमरा मनोबल के अकास ठेका देलक । गेबाक सख आब ततत्तेक बेसी रहए जे गाम में कतौ प्रोग्राम होइ तहमर कान ठाढ़ ! ओना हमरा भूत-प्रेत के बड्ड डर होइ छल मुदा प्रोग्रामक नाम पर कलमे-गाछिये दपरा जइयै आ इच्छा रहै छल जे एकोटा गीत गाबके अवसर भेटि जाए । घर में अइ दुआरे कत्तेक बेर मारिओ खेने छी । हम १९९४ ई॰ में दिल्ली आबि गेलौं नोकरी चाकरी ससमय भेटै तस्टेज सब पर गीत सेहो गबैत छलौं । किछु दिनक बाद विवाह भेल । पत्नी के संगीत में बेसी अभिरुचि देखलियनि ओ ह्मरा एहि क्षेत्र में प्रोफेशनल बनि उतरबाक आग्रह केलनि आ संगे-संग ह्मरा वास्ते गीत सब सेहो लिखलगली तें गीतकारक रूप में रानी विकासके नाम ससेहो देखने हेबनि । संजोग एहेन जे जहन हम ठानि लेलौं जे आब व्यावसायिक रूपे गायकी के अपनाबी तहमरा चांस सेहो खूब भेटलागल आ ई आभास भेल जे संगीत के विधिवत शिक्षा लेब आवश्यक अछि आ ओही क्रम में मैथिली के चर्चित गायक मिथिलारत्न पं॰ कुंजबिहारी मिश्र जीक संपर्क में १९९८ में एलौं आ ओएह कतौ कतौ प्रोग्राम सब में लजाए लगला । कार्यक्रमक संग-संग हुनका स गेबाक अदा, मंच पर कोना प्रस्तुत होइ, मुरकी,खटका आदि केर बारीकी गुर सब सिखबाक अवसर भेटल तें हुनक स्थान हमरा वास्ते प्रथम गुरु के रूप में रहतनि । १९९९ में पहिल एलबम परदेशी भगेलौंजे कि नीलम कैसेट सबहराएल रहए । बाद में बनारस घरानाक चंद्रभाल मिश्रा जी स’, मिथिलेश सिंह जी आदि गुरु सभ ससेहो सिखबाक अवसर भेटल अछि ।

एकटा गप्प अहाँ बीच में कहलौं जे असगरुआ रही तें घर में सभक ध्यान हमरा पर रहब स्वाभाविके छल आ प्रोग्राम देखि कवा कआबि तमाइर सेहो खाए परय । की एहि सई नञि बुझा रहल अछि जे चाहे ओ समय छल वा आजुक समय होइ अभिभावक कहियो संगीत में बच्चा के कैरियर बनेबा लेल जोखिम नञि लेबचाहै छ्ला वा अनुमति नञि देलनि ! अहाँके की कहब अछि ?
देखियौ भाइ सभक अभिभावक इएह चाहै छथि जे हुनक संतान सुखक जीवन व्यतीत करय आ इहो बात निश्चित छै जे संगीत क्षेत्र में जोखिम छै, मुदा जोखिम ओकरा लेल छै जे संगीत के संगीत नञि बूझि माने बिना कोनो शिक्षा दीक्षा के लागल छी। प्रयास करब नीक गप्प कारण सफलतो ओकरे भेटै छै मुदा शिक्षा में गाबके तौर-तरीका, लय, ताल, मात्रा आदि जे किछु तकनीकी ज्ञान छै ओइ वास्ते तकोनो गुरु सज्ञान लेब आवश्यक छै । प्रारम्भ में संघर्ष जरूर छै मुदा कैरियर निश्चित अछि ।

अहाँ अपन कोनो एहेन अनुभव कहू जे संगीत में कैरियर बनेबा में अवरोधक भेल होएअ आ नवोदित कलाकार कें ओइ अवरोध सपूर्व चेतबाक अवसर भेटि जाइन !
नीक अनुभव पूछल! एखन धरि मैथिली के अलावे हिन्दी,बंगाली,हरियाणवी आदि कम सकम आठ-नभाषा में गीत गेलौं अछि मुदा एकटा मैथिली गायकक रूप में हमरा सबसबेसी संघर्ष करपरल अछि आ कत्तेको ठाम अवरोध भेल अछि, कारण अपन मैथिल कलाकार में गुणक तकोनो अभावे नञि छनि मुदा ताहू सपैघ अवगुण ई छनि जे मनोबल बढ़ेबा सपहिने तत्तेक मेख-बृख देखेता जे अहाँ कलाकार बनबाक सपना तबिसैरे जेबै । एक बात कहू जे जहन मनीष जी गीतकार छथि तहमरा ई स्वीकारमें दिक्कत कियैक ? हमरा संग एहेन कत्तेको बेर भेल अछि जे पुरान कलाकार सब संगे लगेला मुदा बिना गीत गबेने घुरा देलनि कारण हम नव रही आ हुनका ई डर रहनि जे हमर कार्यक्रम खराप नञि भजाए । भाइ एकटा गप्प कहू जे सब दिन अहीं गीत लिखैत रहबै ? सब दिन हमही गीत गबैत रहबै? से हेतै आ कि हमहू सब कहियो बूढ़ हेबै ! अहाँके माध्यमें हम हुनका लोकनि धरि ई संदेश पहुंचाबाय छी जे नव लोक के अवसर दियौ आ दियबियौ ।

एखन हमरा लोकनिक नवतुरिया चाहे ओ राजनीति सहोइथ, संगीत सहोइथ वा शिक्षा क्षेत्र सहोइथ अनेकानेक सोशल मीडिआ वा धरना प्रदर्शन आदि के माध्यमें मैथिली भाषा आ मिथिला राजक माँग हेतु आंदोलित छथि । अपनें केहेन समर्थन करै छी ?
हम मिथिला राजक पूर्ण समर्थक छी तै में कोनो दूमत नञि । भाषाक प्रति वर्तमान में सबसबड़का समस्या ई छै जे हम अहाँ एखन मैथिली-मैथिली-मैथिली करहल छी, मुदा हमसब (मैथिल) अपनहि घर में कनियाँ सबच्चा तक सबसहिंदीये में बात करै छी । भाषा कोनो बेजाए नञि होइ छै मुदा सभक अपन अपन स्थान छै ने यौ ! की हम अहाँ ज़िम्मेवार नञि छियै मैथिली केर गर्दनि काटलेल । हमरा एकटा प्रयास आ सपना सब दिन रहल जे मैथिली संगीत के कतौ ताहि ढंग सप्रस्तुत करी जे अमैथिल समाज के लोक ई कहए जे मैथिली एहेन सुंदर होइ छै नञि कि ई कहए जे मैथिली एहने होइ छै । ई सोच जहन विकसित होमय लगतै तएत्तेक बाधा नञि रहतै मिथिला राजक संबंध में ।

एखन जेना कि चर्चा कएल जे मैथिली के अलावे हिन्दी आ आन-आन भाषा में सेहो गेबाक अवसर भेटल अछि तई कहू जे जहन मैथिली में एतेक संघर्ष करपरल तहिन्दी में तआर बेसी करपरल हएत ।स्मरण होए त' किछु फिल्म आ जिंगल आदिके सम्बन्धमे जनतब देल जाउ ।
इएह तबिडम्बना छै जे मैथिली सबेसी अवसर हिन्दी में भेटि रहल अछि जकर एक टा उदाहरण एना अछि- कोनो कलाकार के नाम नञि लेबय चाहब कतेक बेर एहनो भेलए जे कहला-विकाश जी काल्हि स्टूडिओ आबि जाउ मुदा रातिए में दिमाग घूमि गेलनि जे नञि हिनका सनञि गबैब कहीं गीत हिट भ गेलै ! हिन्दी में कम सकम एहेन दुर्दिन नञि देखपरैइयै जिनका संग बात होइत अछि ओ विश्वास करै छथि अवसर दै छथि।

हमरा मोन अछि हम एकटा मैथिली गीतक रेकोर्डिंग करैत रही तएक गोट हरियाणवी फिल्मक निर्देशक दिनेश कौशिक जी कें हमर आवाज में उदित नारायण जीक झलक बुझेलनि हमरा ऑफर केलनि आ फिल्म दुश्मनी की आगमें वन्दना वाजपेयी जीक संग गेबाक अवसर देलनि तकरा बाद हरियाणवी फिल्म बारह बीघा ज़मीन,गोली,पगड़ी आदिमे सेहो गेबाक अवसर भेटल । ओही क्रम में हिन्दी फिल्म आ विज्ञापन जगत सजुड़ल किछु निर्माता लोकनि संपर्क में एला आ अवसर देलनि जेना कि हमर गाओल जिंगल-सोनालिका ट्रेक्टर वास्ते , भारत सरकार द्वारा अल्पसंख्यक आयोग वास्ते , केन्द्रीय भंडारण निगम वास्ते , शिक्षा मंत्रालय वास्ते, जल संसाधन मंत्रालय वास्ते, स्वरोजगार योजना वास्ते, इंडियन ऑयल वास्ते, दूरदर्शन पर प्रसारित सीरियल कोंपलके टाइटल सॉन्ग , ज़ी टीवी पर प्रसारित होमय बला सीरियल हम लेंगे जनम दोबाराके टाइटल सॉन्ग, हिन्दी फिल्म लव इन टेंशनमें बतौर संगीत निर्देशक आ गायक (सह गायिका-ममता शर्मा, कल्पना) आदि के रूप में ।एलबम सभक नाओं मोन राखब मोसकिल अछि कारण बहुत रास अछिमुदा एक टटका आब' बला "नवका पाहुन" जाहि मे अहाँक लिखल गीत "ब्याहक बेदी परमे बैसल" हमरा बड्ड बेसी पसीन परल । मैथिली फिल्ममे एखन धरि सौतिनक बेटी, हाफ मर्डर, सेनुरक मोल अनमोल, प्रेम प्रतिज्ञा,राधा संग मोहन,सजन घर जेबै कोना आदि फिल्मक वास्ते अपन स्वर देलौं अछि । 

हमरा बुझने विकाश जी मिथिलाक घरे-घर अपन पहिचान बना चुकल छथि, चाहे ओ गायकक रूप में होइथ , अभिनेता के रूप में होइथ वा कि टीवी चैनल के कार्यक्रम प्रस्तोता के रूप में होइथ मुदा विकाश जीक गाओल एक गीत आइ मूड बनल छै गे ........जे कि हिट तजबर्दस्त भेल मुदा किछु बुद्धिजीबी वर्ग में आलोचना के लेल सेहो जानल जाइत अछि । कोन एहेन मजबूरी छल आ आगां कोना चेतब ?
हम एकरा आलोचना नञि मानब कारण जएकरा समाज में पूर्ण रूप सतिरस्कृत कदेल जइतै आ एक्कहु टा कैसेट नञि बिकैतै तहम मानि जइतौं मुदा से नञि भेलै खूब लोक कीनि-कीनि कसुनला । खैर रहल बात गीत के  के तई हमर मजबूरी छल जे जाहि समय में हमरा मौका कम भेटय आ विकल्प नञि रहय ओहि समय में ई कंपनी हमरा अवसर देने रहय आ हम गीत गेबाक वास्ते अनुबंधित छलौं । हुनका बजार स्थापित करबा लेल भोजपुरी जेंका मैथिली में सेहो किछु मसल्ला के खगता छलनि तें ई कंपनी के प्रयोग छल हम्मर नञि । ई गीत जअहाँ सुनलौं तअहाँ बाबा नागार्जुन रचित इहो गीत सुनने हैब भगवान हमर मिथिला सुख शांति के घर हो। हमर कहक अभिप्राय ई अछि जे लोक ई बुझौ जे जविकाश ओ गीत गाबि सकैइयै तइहो गाबि सकैइयै । अहाँ आलोचक सचेता देलौं से नीक लागल आ संगे इहो कहब जे आब हम कोनो कंपनी सकोनो प्रकारक अनुबंध समुक्त छी तें भविष्य में हमर प्रयास रह्त जे ओहेन गीत नञि गाबी जाहि सकिनको कोनो कष्ट होइन ।

जहिना भोजपुरी आ हिन्दी फिल्म जगत में गायक लोकनि के अभिनय हेतु  अवसर भेटैत रहलनि अछि तहिना आब मैथिली में सेहो ई परम्परा देखि रहल छी । अहाँ लग एहेन कोनो प्रस्ताव अछि वा अभिनय केलौं अछि ?
अभिनय में हमर अभिरुचि प्रारम्भे सरहल अछि । कहबे केलौं अछि जे हम गामक नाटक में नायिका के रोल खूब लेने छी । हम जहन नीलम कैसेट सजूड़ल रही तएलबम जट-जटिनमें अभिनय करबाक अवसर भेटल रहए । किछु दिन धरि अहिना बहुतो एलबम सभ में अभिनय केलौं मुदा हमर ध्यान सदिखन गायकी दिस रहैत छल तें ओकरा प्राथमिकता देइत रहलौं आ सक्रिय रहलौं । अपनें जाहि गीतक चर्चा उपर केलौं अछि ओहि वीडियो में हमर चेहरा सेहो देखने हएब आ ई गीत तत्तेक हिट भेलै जे भोजपुरी क्षेत्रमे सेहो बेस चर्चित रहल आ भोजपुरी फिल्म निर्देशक-रामाश्रय राज आ निर्माता-राजेश सिंह जीक सद्प्रयास सएक गोट भोजपुरी फिल्म पैसा नाच नचाबेलामें मुख्य अभिनेता के किरदार वास्ते प्रस्ताव आएल आ हम स्वीकृति देइत एहि फिल्ममे मुख्य नायिका-त्रिशा खान केर संग अभिनय केलौ । आब जहन मैथिली फिल्मक निर्माता लोकनि के जानकारी भेटलनि तओहो लोकनि संपर्क केलनि अछि आ एखन बहुत रास फिल्मक प्रस्ताव अछि मुदा एखन शुरूआत नञि भेल अछि मने निर्णयाधीन अछि ।

अपने मैथिली क्षेत्र में आब एक स्थापित अभिनेता आ गायकक संग-संग प्रस्तोता के रूपमे सेहो जानल जाइत छीतें टी॰वी॰ चैनलक मादे ई कहल जाउ जे एखुनका परिवेशमे मैथिलीक प्रचार प्रसारमे जे एकर बेसी आवश्यकता छलैक आ तेहेन सन परिस्थितिमे सौभाग्य मिथिला बंद हेबाक की कारण भसकैत अछि ? आगाँ अही चैनल के पुनर्स्थापित करबा वा कोनो नव चैनल केर सुसंचालन हेतु कोन एहेन बात के धेआनमे राखल जेबाक चाही ?
सौभाग्य मिथिलाक संग हमर काजक अनुभव बहुत नीक रहल अछि । जेनाकि अपनें लोकनि हमरा बेर-बेर देखने हएब आ एहि चैनलक बेसी सबेसी कार्यक्रम,धारावाहिक आदि के टाइटल सॉन्ग गेबाक अवसर सेहो भेटल मुदा एहि सभक बीच अकस्मात एकर बंद हेबाक कारण बुझबामे नञि तआएल आ नञि बुझबाक चेष्टा कएल । जाहि हिसाबे ई अपन गति पकरने जा रहल छल तै सएहेन अनुमानो नञि छल जे एकाएक बन्द भजाएत । मिथिलाञ्चलमे नञि तपाइके अभाव छै आ नञि प्रतिभाके । बहुत निर्माता एहेन छथि जे मैथिल छथि,जिनका पाइ छनि आ मिथिला विकास हेतु अभिरुचि सेहो छनि मुदा कला संगीत के अनुभव नञि के बराबर छनि ।

मैथिली कला संगीत केर विकासमे एक बड्ड पैघ बाधा छै भाइ-भतीजावाद के मने ई हमर मित्र छथि तें संगीतकारमे हिनके  नाम हेबाक चाही भले ही हुनका संगीतके शब्द नञि अबैत होइन, ई हम्मर काका छथि तई हम्मर मामा छथि देखैमे बड्ड सुन्दर छथि तें हिनका हीरो बना दियौन आदि-आदि । सर्वेक्षण के आधार पर नीक नीक प्रतिभा के मौका देथुन । हमर बहुतो एहेन मित्र छथि जिनकामे कला भरपूर छनि मुदा हुनका निर्माता सभक सोझा बेसी ढ़ीप-ढ़ाप नञि देल होइ छनि तें ओ लोकनि एखन धरि अवसर पाबय सवंचित छथि आ हमरा बुझने जओहेन-ओहेन व्यक्ति के मौका देल जाय तमैथिलीक संग-संग हुनका लोकनिक सेहो कल्याण हेतनि आ मैथिली फिल्म उद्योग के एक व्यावसायिक रूपमे स्थापित हेबामे कोनो दिक्कत नञि हएत ।

मैथिली संगीतमे किनक स्वर अपनेके सबसबेसी प्रभावित करैत अछि ?
ओना वर्तमानमे हमर सबसप्रिय गायक छथि उदित नारायण झा जिनक पहचान मैथिली सविश्व मंच धरि छनि । रहल बात मैथिलीक तएखुनका जत्तेक गायक छथि हमरा सभक आवाज नीक लगैत अछि कारण सबकें अपन अपन अनुभव आ प्रस्तुतिकरण के अलग-अलग शैली छनि तथापि हम सबसबेसी हरिनाथ झाक स्वर सप्रभावित होइ छी आ हुनक एक-एक गीत हमरा बहुत कर्णप्रिय लगैइयै ।   

अपनें जहिना श्रेष्ठ आ गुरु लोकनिक अनुसरण करैत एहि क्षेत्रमे अग्रसर भरहल छी तहिना नव कलाकार लोकनि के प्रोत्साहित करबा हेतु केहेन मार्गदर्शन देमय चाहबनि ।
हुनका लोकनिक वास्ते हम इएह कहब जे अहाँ जे काज करै छी ओहिमे समर्पणताक संग धैर्य राखक चाही ताहि लेल या तशिक्षा लियवा समय के प्रतीक्षा करू आ ई नञि सोचियौ जे गंदा गीत गाबि करातोरात स्टार भजाएब । मैथिली श्रोताकें कखनो हल्लुक नञि बुझियौन कारण मैथिल श्रोता बहुत ज्ञानी होइ छथि आ किछुओ गाबि कसंतुष्ट कदेबनि से असंभव अछि । अपना दिसक लोककें एकटा गप्प हमरा कहियो स्वीकार्य नञि भेल जे मैथिली कला संगीत में कैरियर नञि छै, ई मात्र अफवाह अछि सच्चाई नञि । हमर कमाइ केर सबसबेसी हिस्सा मैथिली भाषा सअछि, से नञि रहितइ तहमर गुजर नञि चलितए तें ई अफवाह पर नञि जाउ एहिमे कैरियर आ कमाइ दुन्नू छै, निर्भर करै छै जे अहाँ कत्तेक ईमानदारी आ लगनशीलता सएकरा प्रस्तुत करैत छियैक । 

अपनें संग भेल वार्तालापक क्रममे बहुत किछु नव अनुभव भेटल आ आशा अछि जे नवतुरिया लोकनि लाभान्वित सेहो हेता आ मैथिली श्रोता कें अपनेंक व्यक्तिगत जीवनक संबंधमे जनतब भेटतनि। अपन बहुमूल्य समय देबा वास्ते हृदय सआभार ।
मनीष जी अहूँ के बहुत-बहुत धन्यवाद । हमरा आशा अछि जे जहिना मैथिली श्रोता कें हमरा प्रति सिनेह बनल छनि ओ बनेने रहथु आ हमरा सजे किछु अपेक्षा छनि ओकरा पूर करबा लेल हम हरसंभव प्रयास करब । जय मिथिला ! जय मैथिली !!