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Saturday, October 01, 2016

मंच स’ बेसी मनोबल चाही


सोशल नेटवर्कक समुचित उपयोग करैत मैथिली साहित्यकार लोकनि बिना कोनो ताम-झाम कें एक दोसराक रचनाधर्मिता सअवगत हेबा लेल कोनो मंच, ऑडिटोरियम वा संस्था विशेष द्वारा नोत-हकारक प्रतीक्षा नैं अपितु मुक्ताकाशक चयन करब प्रारम्भ कदेने छथि. एहि सार्थक दिशामे युवा लोकनिक डेग आगाँ बढिते श्रेष्ठजनक अपेक्षित सहयोग भेटब सेहो ततबे आह्लादकारी अछि. संख्यामे बेसी नवतुरहा युवा लोकनि जतय अपन संस्कृति ओ भाखा सविमुख भेल जा रहल छथि ओत्तहि पुरखा साहित्यकारक कीर्ति ओ जोगदान सअनभिज्ञ रहब सर्वथा चिंतनीय ओ हीनभावना के देखार करैत अछि. वैश्विक स्तरक भोगविलासी जीवन व्यतीत करबा लेल रंग-बिरंगक व्यावसायिक कोर्स कव्यक्तिगत लाइफ सेटलमेंट सन सीमित सोचक संग सिमटल जा रहल स्थिति अपन संस्कृतिक प्रति उदासीनता ओ असामाजिकताकें प्रमाणित करैत अछि. संख्यामे कम्मे मुदा व्यक्तिगत लाइफ सेटलमेंट केर संग-संग व्यस्ततम समयमे सथोड़-बेस समय निकालि संस्कृति  संरक्षण-संवर्धनक पक्षधर ओ उदारवादी विचारधारा नेने निस्सन सोच ओ आत्मविश्वासक संग बढ़ि रहल साहित्यिक क्रियाकलापक गतिशील डेग भविष्यमे फलित हेबाक स्पष्ट संकेत दरहल अछि.

युवा साहित्यकार लोकनि द्वारा उठाओल गेल साहित्यिक डेग यथा- अकासतर बैसकी”, “साहित्यिक चौपाड़ि”, “काव्य बैसार”, “साहित्यिक बैसार”, “साँझक चौपारिआदि कएक नाम सभारत,नेपाल,दोहा समेत कत्तेको देश आ ओकर प्रान्तमे पसरल जा रहल स्थिति संतोषजनक भविष्यक अनुभूति करबैत अछि. युवा लोकनिक उठाओल ई डेग एत्तेक तीव्रताक संग आगाँ बढ़लागल अछि जे वरिष्ठ साहित्यकार लोकनि सेहो समय-समय पर अपन बहुमूल्य उपस्थित दस्नेहसिंचित मार्गदर्शन दयुवा लोकनिक मनोबल बढ़ा रहलनि अछि. उपरोक्त आयोजनमे ककरो अपन कएदा-कानून आ औपचारिकता अछि तकोनो आयोजनक स्वतंत्र ओ अनौपचारिक प्रक्रिया. एकर विस्तार भेला ससमय-समय पर दिवंगत साहित्यकार लोकनिक जयन्ती ओ पुण्यतिथि मनेबाक आ हुनक साहित्यिक, राजनितिक, सामाजिक, सांस्कृतिक जोगदानकें संदर्भमे एक-दोसरा सजनबाक चेष्टा ओ स्मरण करब हुनक उचित श्रद्धांजलि कहल जा सकैछ.

आब ई एकटा एहेन पारम्परिक मंच भगेल अछि जतय उपस्थित हेबा लेल नैं तनोत-पता पठाओल जाइत अछि आ नें तकर अपेक्षा कएल जाइत अछि. आयोजनक सूचना जाहि कोनो माध्यमें भेटय ओ चाहे टेलीफोनिक होए, सोशल नेटवर्कक माध्यमें होए, मौखिक कहल गेल होए वा कतहु सुनल गेल होए उक्त तिथि ओ स्थान पर सहर्ष पहुँचला उत्तर स्वागत अछि. उपरोक्त आयोजनमे विधा विशेष निपुणताक आधार पर उपस्थित रचनाकारकें समान रूपे मुक्त कंठ सरचना परसबाक अवसर भेटैत छनि संगहि त्रुटि सुधारार्थ तत्क्षण मार्गदर्शन आ उत्तम रचना प्रस्तुति हेतु ततबे प्रशंसा सेहो. नवोदित रचनाकार हेतु ई एकटा एहेन मंच अछि जतहुनक आत्मविश्वास बढ़ाओल जाइत अछि आ शनैः-शनैः परिपक्वता दिस अग्रसर कएल जाइत अछि. पटना प्रवासी युवा साहित्यकार लोकनि द्वारा प्रारम्भ कएल साहित्यिक चौपाड़िअपन एक बर्ख पूर करबाक उपलक्ष्यमे एकटा महत्त्वपूर्ण आ अभिनव प्रयोग केलक अछि जे विगत एक बर्ख मे आयोजित चौपाड़िमे पठित रचनाकें संकलित कप्रकाशनमे अनलक अछि आ उमेद अछि जे प्रकाशनक ई प्रयोग उर्ध्वगामी होइत रहत. युवा पीढ़ीक ई सार्थक सोच आ जोगदान भविष्यक इतिहासमे सेहो अंकित हएत आ स्मरणीय रहत ताहि आशा आ विश्वासक संग समर्पित सेनानीक उज्जवल भविष्य ओ दीर्घायुकें कामना !

Thursday, September 15, 2016

मैसाम युवा सम्मान ओ व्याख्यानमाला-२०१६


राष्ट्रीय राजधानी दिल्लीमे २१ फरवरी २०१४ कमैथिली साहित्य संरक्षण ओ उत्थान वास्ते स्थापित संस्था मैथिली साहित्य महासभाअपन दू बर्खक यात्रामे कएक गोट कार्यक्रमक सफल आयोजन केलक अछि. एहि कार्यक्रमकें निरंतरता देइत ११ सितम्बर २०१६ कदोसर विद्यापति स्मृति व्याख्यानमाला केर अन्तर्गत वैश्विक परिदृश्यमे मैथिली नाटक आ जनसरोकारविषय पर मैथिली नाटकक प्रसिद्ध नाटककार महेन्द्र मलंगियाक वक्तव्यक संग राखल गेल. कार्यक्रमक विधिवत प्रारम्भ महाकवि विद्यापतिक स्मृति पर माल्यार्पण ओ दीप प्रज्ज्वलनक उपरान्त सामूहिक गान जय-जय भैरविभेल. स्वागत भाषणमे संस्थाक अध्यक्ष अमरनाथ झा अतिथि ओ दर्शकक प्रति आभार प्रकट केलनि. 

उपरोक्त विषय पर महेन्द्र मलंगिया द्वारा ज्योतिरीश्वर ठाकुर रचित धूर्तसमागम,उमापति उपाध्याय रचित पारिजातहरण, ईशनाथ झा रचित उगना, चीनीक लड्डू, गोविन्द झा रचित बसात, सुधांशु शेखर चौधरी रचित भफाइत चाहक जिनगी,उदय नारायण सिंह नचिकेता रचित एक छल राजा ससल्हेश, लोरिक, चेंगा, अंकिया नाटक, कीर्तनिया नाटक ओ आधुनिक नाटकक लेखन,मंचन ओ प्रेक्षक धरिक नीक-बेजाए भूमिका पर विस्तृत प्रकाश देल गेल संगहि युवा लोकनिकें नाट्य लेखन हेतु सक्रिय हेबाक आह्वान सेहो केलनि.

सामान्यतया मिथिला-मैथिलीक भाषा,संस्कृति,रोजगार आदिक वास्ते चिंता आ चिंतन मे बेसी संगठन ओ संस्थाक तल्लीनता मात्र देखल जाइत अछि मुदा मैथिली साहित्य महासभा ताहि सोचकें सार्थकता प्रदान करैत एक डेग आगाँ बढि साहित्य संरक्षण वास्ते बड्ड पैघ ओ सराहनीय काज केलक अछि जे साहित्यमे समर्पित ४० बर्ख धरिक सृजनशील युवा रचनाकारकें प्रशस्ति पत्रक संगहि २५,००० रुपैया ससम्मानित कउत्साहवर्धन करब एक अद्भुत सोचक प्रमाण थिक. ओना संस्था द्वारा एकटा आर घोषणा भेल अछि जे मैथिली साहित्यमे जीवन पर्यन्त अपन जोगदान देनिहार वरिष्ठ साहित्यकारकें सेहो एहि मंच सअबिलम्ब सम्म्मानित कएल जाएत.

मैसाम युवा सम्मान-२०१६वास्ते १३ गोट पोथी सम्मिलित कएल गेल छल (निर्णायक छलाह डॉ. देवशंकर नवीन) जाहिमे अंतिम रूप सचयनित पोथी गामक सिमान पर” (नवारम्भ प्रकाशन,पटना सप्रकाशित) हेतु युवा साहित्यकार चन्दन कुमार झा (उमेर-३१ बर्ख, जेकि मूल रूप समधुबनी जिलान्तर्गत सड़रा गामक रहनिहार छथि मुदा वर्तमान प्रवास कोलकातामे छनि) पुरस्कृत ओ सम्मानित भेला. युवा पीढ़ीक साहित्यकारक वास्ते आह्लादक विषय अछि संगहि एहि दिशामे पसरल अनेकों भ्रमकें तोड़बाक एक निस्सन डेग.   

कार्यक्रमक मुख्य अतिथि ओ अध्यक्ष भारतीय सर्वोच्च न्यायालय केर पूर्व मुख्य न्यायाधीश श्रीमती ज्ञान सुधा मिश्र, अतिथि डॉ. देवशंकर नवीन ओ एकल व्याख्यान हेतु आमंत्रित अतिथि महेन्द्र मलंगिया आदि अपन-अपन वक्तव्यक क्रममे बहुत गूढ़गूढ़ गप्प-सप्प ओ अनुभव सअवगत करौलनि. दर्शक दीर्घामे मिथिला-मैथिलीक प्रति समर्पित लोकक उपस्थिति ओ अन्त धरि चित-पित मारि ध्यानपूर्वक समूचा कार्यक्रमक आनन्द लेब कार्यक्रमक सफलताकें स्वप्रमाणित करैत छल. कार्यक्रमक सफलतामे कन्त शरण केर सञ्चालनकें कथमपि बिसरल नैं जा सकैत अछि मने जेहने अद्भुत वाचाशक्ति तेहने सुन्नर रोचक शैली. कार्यक्रमक समापन संस्थाक महासचिव संजीव सिन्हाक धन्यवाद ज्ञापनक संग पूर्णरूपेण सफल रहल.

Tuesday, August 16, 2016

कथारंग संग मैलोरंगक पनरह अगस्त


स्वतंत्रता दिवसक सुअवसर पर १५ अगस्त २०१६कमैथिली रंगमंच दिल्लीक संस्था मैलोरंग अपन पंजीकृत कार्यालय एमएलआर स्टूडियो थियेटर, शकरपुर,दिल्लीमे नाट्य मंचन केर आयोजन केलक. एहि आयोजनमे मैलोरंगक किछु नवप्रशिक्षु आ किछु प्रशिक्षित रंगकर्मी लोकनिकें नाटकक चयन,निर्देशन ओ अभिनय हेतु स्वतंत्र निर्णय लेमय हेतु अधिकृत कदेल गेल छलनि.

ज्ञात होकि मैलोरंग अपन प्रयोगधर्मिता वास्ते जानल जाइत अछि आ ओएह प्रयोगक क्रममे एकटा अद्भुत प्रयोग छल एकल अभिनय मंचन. ई प्रयोग प्रथमतः अपनहि कार्यालय आ सीमित दर्शकक संग कएल गेल ताकि भविष्यमे एकल अभिनय के सार्वजनिक मंच पर सेहो अनबाक प्रयास करत मैलोरंग. एहिमे छ: गोट कथाकारक कथा पर आधारित छ: गोट अभिनेता एकल अभिनय आ अपने ऊहि सस्वयं के निर्देशित केला जेकि एक-स’-बढिक’-एक मने उपराउपरी. नाटकक भाषा हिन्दी आ मैथिली मिश्रित छल.

अभिनय आ नाटकक क्रम एहि तरहें छल- १. कथा-ठेस (हिन्दी), लेखक-फणीश्वरनाथ रेणु,अभिनय-नीतिश कुमार झा २. कथा-मत रो पापा (हिन्दी), लेखक- उमाशंकर सिंह, अभिनय-राजीव रंजन ३. कथा- कप्तान और सौदागर (हिन्दी), लेखक- सूर्यकांत त्रिपाठी निराला,अभिनय-रमण कुमार, ४. कथा-लीप सेकण्ड (हिन्दी),लेखक-इंदिरा दाँगी,अभिनय-विवेक कुमार ५. कथा-अगाध प्रेम (हिन्दी),लेखक-शरतचंद चट्टोपाध्याय,अभिनय-संजीव कुमार बिट्टू ६. कथा-ललका पाग (मैथिली), लेखक-राजकमल चौधरी, अभिनय-ज्योति झा आ ७. हरिजन गाथा (हिन्दी),लेखक-बाबा नागार्जुन,अभिनय-रोशन यादव.

मंचनक उपरान्त अन्तमे पूजा प्रियदर्शिनी,नेहा आ आकाँक्षा पाल द्वारा विशेष रूप सतैयार कएल गेल देशभक्ति गीत देश मेरा रंगीलापर नृत्य प्रस्तुत कएल गेल आ एहि तरहें सीमित समयमे प्रयोग कएल गेल मंचनक ई नवरूप देखबामे आएल. मंच सञ्चालन-मनोज पाण्डे, लाइट-ऋतुराज,कैमरा-संजीव बिट्टू, संगीत-दीपक ठाकूर, स्वर-राजीव रंजन, सम्पूर्ण मार्गदर्शन-मुकेश झा आ प्रकाश झा, अन्य सहयोग-नीरा झा,सोनी झा आदि. मंचनक उपरान्त कीर्तन-भजन, देशभक्ति गीत,पारम्परिक गीत आदिमे हारमोनियम पर दीपक ठाकुर, ढोलक पर ऋषि मलंगिया आ गायन राजीव रंजन झा रॉकस्टारकेर संग हास्य विनोदक संग सफलतापूर्वक संपन्न भेल.

स्वाधीनता दिवसक उपलक्ष्यमे मैथिली-भोजपुरी अकादमी दिल्लीक काव्यगोष्ठी


दिनांक-१३ अगस्त २०१६ (शनिदिन) कदिल्लीक आईटीओ स्थित प्यारेलाल भवन मे मैथिली भोजपुरी साहित्य अकादमी,दिल्ली सरकार द्वारा आने साल जेंका अहू बेर स्वाधीनता दिवस केर विशेष अवसर पर मैथिली आ भोजपुरी कवि सम्मलेनक आयोजन कएल गेल. कार्यक्रमक शुभारम्भ हिन्दी देशभक्ति गीतक संग प्रारम्भ भेल,राष्ट्रगान जन-गण-मनभेल संगहि एक गोट आर देशभक्ति गीत भोजपुरीमे प्रस्तुत कएल गेल आ उपरोक्त तीनू प्रस्तुति वाद्य-वादनक संग सामूहिक छल.
कवि सम्मलेनक शुभारम्भ सपूर्व दीप प्रज्ज्वलन कएल गेल जाहिमे दिल्ली सरकारक संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा, अकादमीक उपाध्यक्ष संजॉय सिंह, कार्यक्रमक अध्यक्ष नित्यानंद तिवारी आदि लोकनिक करकमल सभेल. दीप प्रज्ज्वलित भेला उपरान्त अवनींद्र ठाकुर (प्रसिद्ध गीतकार/कवि रविन्द्र नाथ ठाकुरक सुपुत्र) द्वारा मैथिलक आस्था सजुड़ल महाकवि विद्यापति रचित गोसाओनिक गीत जय-जय भैरविकनक भूधर शिखरवासिनीबिना कोनो वाद्य-वादन व्यवस्था कें रहितो कर्णप्रिय परिवेश बनौलक.

अकादमीक उपाध्यक्ष द्वारा मंच सई आश्वस्त कएल गेल जे हमरा अहाँक बीच जे कोनो भाषा संबंधी भ्रम पसारल जा रहल अछि ओ हमरा लोकनिकें बंटबाक चेष्टा कएल जा रहल अछि जखनकि हम समस्त पुरबिया बन्धु एक छी आ ई मैथिली-भोजपुरी,अंगिका,बज्जिका,मगही आदि सभ ममेरी,फुफेरी,चचेरी बहिन थिक तैं हम जा धरि अकादमीमे रहब एकरा प्रति संवेदनशील रहब. कपिल मिश्रा देशक स्वाधीनतामे पुरबिया समाजक जोगदान के उजागर करैत हमरा लोकनिक महत्त्वकें जनौलनि. मंच संचालन आंशिक रूप ससचिव हरिसुमन विष्ट,अनामिका आ कुमकुम झाक रहलनि मुदा पूर्ण सञ्चालन मैथिल कवि मंज़र सुलेमान केलनि.

कवि सम्मलेन मे एक मैथिल आ एक भोजपुरी कविक पार छल आ काव्य पाठक क्रम जे छल से एहि प्रकारे-अनामिकाक भोजपुरी कविता चुटपुटिया बटन आ गोदना, कुमकुम झाक मैथिली कविता हमर देश हमर जीवन प्राण आ परिसंवाद, राजेश कुमार माँझीक भोजपुरी कविता-देश लागी अब कउना किनार सखिया,चमके ऐसे जग में जैसे चाँद और सितारा आ हे आगत तोहर स्वागत बानी सदी रूपी मेहमान, स्वाती शाकम्भरीक मैथिली कविता-हमर वेदना,हमर संवेदना,हमर योजना,हमर संयोजना, हे स्वतंत्रता अहाँकेँ समर्पित अछि आ बायोडाटा, अनूप पाण्डेक भोजपुरी कविता-मीत अचके में मन परि जाला , आग लाग जाइ ओइसन विकास मे आ  एकदिन मास्टर दीनानाथ दुआरी पर भेटेला, अरविंद कुमार मिश्र नीरजक मैथिली कविता-हमर ई भारत बड़ा महान आ शशि श्यामला धरती परती, सरोज सिंह-साथी हो जब तूँ हमरा के घर ले जैब, हउआ के हाथ भेल बड़ा ज़ुलूम बा आ बिसुखी गैया, तारानन्द झा "तरुण"क मैथिली कविता-देश हमर भारत अछि जै पर गुमान हमर आ जिनगी सँ' जोड़ि ली नेहक शुचि सरवर में अपना केँ बोरि ली, अलका सिंहक भोजपुरी कविता-जानतानी खुश त' होखनें आ रेल के खिड़की से कैसे निहारी ला हरियर हरियर खेत, मंज़र सुलेमानक मैथिली कविता-आत्मामे बसैत देश (दीर्घ कविता), ज़ौहर शाफ़ियावादीक भोजपुरी कविता-जेकरा मनमे त्याग बा ज़ौहर ऊ जगमे होशियार बा ज़ौहर,नेह नाता के घैली घड़ा ले गइल,मातृभूमि के कण कण में भारत के निर्माण कर आ अभी गुलामी गइल कहाँ बा, गँगेश गुँजनक मैथिली कविता-किछु नञि क' गेलाह पिता हमरा नाम,ई गाछ एक दिन मंदिर सपैघ भजेतै,प्रेमक डिजीटल जुग आ मैथिली गीत गामक सीमान जेंकां हमर मोन बाँटल अछि, गुरचरण सिंहक भोजपुरी रचना-असियो बरिस में जवानी चढ़ आइल बा,परेशानी के ज़हर जे पी रहल बा आदमी,पंद्रह अगस्त रोज मनाबे के परी अब, घड़बा फुटबे करी कहिओ नें कहिओ आदि रचनाक संग सफलतापूर्वक संपन्न भेल.

अन्तमे अध्यक्षीय वक्तव्य मे आमंत्रित अतिथि ओ वरिष्ठ कवि नित्यानंद तिवारी सभ कवि ओ कुशल श्रोताकें धन्यवाद ज्ञापित करैत महाकवि विद्यापतिक बेस गुणगाथा कहैत वक्तव्यकें विराम देलनि.

Monday, July 25, 2016

संस्कृति संरक्षण हेतु प्रवासी लोकनि चिंतित

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित मावलंकर हॉलमे दीपक फाउन्डेशन आ विश्व मैथिल संघ केर संयुक्त तत्वावधनामे संस्कृति एवं सभ्यता संरक्षण समारोहकार्यक्रमक आयोजित कएल गेल. एहि कार्यक्रमकें सफल बनेबा लेल आमंत्रित अतिथि लोकनिमे राज्यसभा सांसद प्रभात झा, आरा सँ लोकसभा सांसद आ देशक पूर्व गृह सचिव आर.के.सिंह, हिन्दी फिल्म निर्देशक अभिनव कश्यप, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ़ इन्कम टैक्स रोहित देव झा आदिक गरिमामयी उपस्थिति रहल.

कार्यक्रम अपन निर्धारित समय सायं ३:०० बजे सदू घंटा बिलम्ब मने ५:०० बजेक करीब प्रारम्भ भेल. दीप प्रज्ज्वलन एवं महाकवि विद्यापतिक छायाचित्र पर माल्यार्पण केर उपरान्त गोसाओंनिक गीत जय-जय भैरविमैथिली गायक दिलीप दरभंगिया द्वारा गाओल गेल. ज्ञात हो कि उक्त फाउन्डेशन देशक विभिन्न हिस्सामे कला, साहित्य आ संस्कृति केर क्षेत्रमे कार्य करवाक लेल अग्रसर अछि तैं अन्यान्य क्षेत्रकें धेआनमे रखैत भाषा मैथिली,हिन्दी आ भोजपुरीक मिश्रण देखबामे आएल.

मंच सञ्चालन केर जिम्मा देल गेल छलनि अर्चना भगवान जी मिश्रा आ भगवान जी मिश्रा (दम्पति) कें. श्रीमतीक सञ्चालन क्षमता अद्वितीय छलनि जहिना उच्चारण तहिना सुन्दर प्रस्तुति शैली मुदा श्रीमान स्वयं मंच सञ्चालनमे हरेक दृष्टिकोण सनवसिक्खू सन बुझना जाइत छलाह. संचालक महोदय आयोजन समितिक सदस्य रहितो कार्यक्रमक रूपरेखा सपूर्ण अनभिज्ञ छलाह आ से बात दर्शकक मनोस्थिति देखि सद्यः बुझना जाइत छल. कार्यक्रम भलेही हिन्दी भाषाक प्राथमिकता रखैत आयोजित कएल गेल छल मुदा थोपड़ीक गरगराहट पंचानबे प्रतिशत मैथिलत्वकें प्रमाणित करैत रहल.

अतिथि सम्मान केर बाद किछु व्यक्ति विशेष केर सम्मान सेहो कएल गेला जाहिमे अखिल भारतीय मिथिला संघक अध्यक्ष विजय चन्द्र झा, भोजपुरी समाजसेवी कन्हैया सिंह, पत्रकार संजय चौधरी, विश्व मैथिल संघक संस्थापक हेमन्त झा आदि सेहो सम्मानित भेला. स्वागत भाषण फाउन्डेशन केर संस्थापक दीपक झा देलनि. अतिथि वक्तव्यमे पहिल आमंत्रण भेल युवा असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ़ इन्कम टैक्स,दिल्लीक रोहित देव झा जे कि अपन मातृभाषा प्रति अनुराग देखबैत मैथिलीमे वक्तव्य देलनि. दोसर आमंत्रण छल फिल्म निर्देशक (दबंग) अभिनव कश्यपकें जे कि रोहित देवक मैथिली बजला सप्रभावित भएकरा मंच पर मैथिली एकजुटताक राजनीतिक रंग मानलनि . तेसर आमंत्रण छल राज्यसभा सांसद प्रभात झाकें जेकि अपन वक्तव्यमे अभिनव कश्यपक आपत्ति आ भ्रमकें दूर करैत हिन्दीक संग-संग मैथिली वा अन्य मातृभाषाक अस्मिताक महत्त्व सअवगत करौलनि. चारिम आ अंतिम वक्तव्य छल लोकसभा सांसद आर.के.सिंह केर जे संस्कृति पर बड़ा शोधल आ सटीक गप्प-सप्प रखैत पाश्चात्यक तुलना अपन सुव्यवस्थित संस्कृतिकें सर्वोपरि कहैत विराम देलनि.

सांस्कृतिक कार्यक्रम हेतु आमंत्रित कलाकार दिलीप दरभंगिया,सोनी झा,किशन कन्हैया,धीरज झा आ उद्घोषक छोटू कृष्णा आदि हिन्दी,मैथिली आ भोजपुरी मिश्रित भाषामे अपन नीक प्रस्तुति देबाक प्रयास केलनि आ एहि तरहें रात्रि ८:०० बजे धरि चलल ई कार्यक्रम शेष दर्शकक संग संपन्न भेल.