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Saturday, April 07, 2018

मिथिला स्टूडेंट यूनियन मनौलक अपन तेसर स्थापना दिवस



दिनांक-२५ मार्च,२०१८ क’ दिल्लीक कॉन्स्टिट्यूशन क्लब (मावलंकर हॉल) मे मिथिला स्टूडेंट यूनियन केर तेसर स्थापना दिवस पर आयोजित संगोष्ठी सह सांस्कृतिक कार्यक्रमक शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन सँ भेल तदुपरान्त भारतीय युवा केर तीन आदर्श वीर क्रांतिकारी क्रमशः भगत सिंह,राजगुरु ओ सुखदेवक फोटो पर माल्यार्पण कएल गेल । मिथिला मे कुव्यवस्थाक प्रति बदलाव ओ क्रांतिकारी विचारधाराक संग एमएसयू केर नेआओ रखनिहार अनूप मैथिल, रौशन मैथिल, अविनाश भारद्वाज आदि लोकनि पाग-डोपटा-माला सँ सम्मानित कएल गेलाह। एहि बेरुक कार्यक्रमक सञ्चालन क’ रहल कमलेश मैथिल आदि सँ अन्त धरि समान उर्जाक संग अनुशासित ढंग सँ अपन महत्त्वपूर्ण भूमिकाक निर्वहन करैत सफलतापूर्वक सञ्चालन केलनि । कार्यक्रमक मध्य उद्घोषक राधे भाइक अल्पकालीन उपस्थिति सेहो कार्यक्रम केँ रोचक बनौलक । राधे भाइ स्पष्टवादी विचारधाराक संग एक गोट महत्त्वपूर्ण प्रश्न ठाढ़ केलनि जे मात्र मिथिला-मिथिला केला सँ नै, मिथिला लेल काज केला सँ आन्दोलनक सार्थकता हेतैक आ से काज मिथिला स्टूडेंट क’ रहल अछि।

गायनक नव प्रतिभा मे स्नेहा झाक स्वर मे गाओल ‘जय-जय भैरवि’,’मंगलमय दिन आजु हे’ केर संग प्रारम्भ भेल संगोष्ठी सह सांस्कृतिक (मिश्रित सत्र) कार्यक्रम मे अतिथिक रूपमे प्रो.आर.एम. भारद्वाज,एम. के.झा,पंकज प्रसून,विजय झा,सी.ए. रंजय मिश्र,नवोत्तम मिश्र, अमित झा आदि लोकनिक द्वारा मिथिलाक वर्तमान परिदृश्य, मिथिला विश्वविद्यालयक पूर्वक स्थिति आ वर्तमानक तुलना करैत एमएसयू द्वारा छात्र संघ चुनाव मे हस्तक्षेप, मिथिला क्षेत्र मे औद्योगीकरण केर प्रति उदासीनता,लिपि संरक्षण,मैथिली मीडियाक आवश्यकता,इकोनॉमिक रिफाउंड्स ऑफ मिथिला आदि केंद्रित विषय पर अपन-अपन वक्तव्य रखलनि।

एमएसयू द्वारा एहि बेर एक अद्भुत प्रयोग कएल गेल छल, नव प्रतिभाकेँ सोझा अनबाक। एक-दू गोट नाम जेना दिलीप मधुबनिया,श्वेता शर्मा आदिकेँ जे विगत किछु साल सँ मंचक अनुभव रखैत छथि तिनका संग प्रस्तुत भेलीह मोनी झा,धीरज मिश्र,अरविन्द सिंह,भास्कर भोला,गगन आनंद,एंजिल वर्मा ,संगम झा,कंचन,श्वेता झा,संदीप शाण्डिल्य, नूनू झा,शिव कुमार झा,गुलशन,निधि,टीना झा,दीपक झा आदिकेँ वास्ते ई अवसर भेटब सेहो हुनका लोकनिक वास्ते एक उपलब्धि रहल। ओना त’ समस्त गायकक प्रयास सराहनीय मुदा गायक आ वादकक बीच बिना कोनो पूर्वाभ्यासक कारणे तालमेल नहि बनि पेबाक बावजूदो अपन स्वर पर आत्मविश्वास रखैत जे अद्भुत प्रस्तुति देलनि ताहि तीन कलाकारक प्रति (अरविन्द सिंह,एंजिल वर्मा आ संगम झा) दर्शक दीर्घा सँ ‘एक टा आर (वन्स मोर)’ केर माँग होइत रहल मुदा कलाकारक संख्या बेसी हेबाक कारणे संचालक बाध्य छलाह । हिमांशु मुरारी द्वारा ‘उगना रे मोरा कतय गेलाह’ पर कएल सुन्नर अभिनय सेहो सराहनीय रहल। समयाभावमे एक-दू टा कलाकार अपन प्रस्तुति देबा सँ वंचित रहलाह।

मिथिला स्टूडेंट यूनियन अपन कार्यकुशलताक उत्तम परिचय दैत समय-समय पर समाजक सोझा एक विकल्प बनि ठाढ़ होइत रहल अछि आ कहल जा सकैछ जे जन जागरूकतामे सेहो सफल भूमिका निमाहि रहल अछि। विभिन्न मंचक माध्यम सँ संगठित युवा लोकनिक कार्यक सराहना आ सम्मान सेहो होइत रहल अछि। एहि तेसर स्थापना दिवस पर दिल्लीक मंच पर अपन कार्यकर्ता लोकनिक सराहना करैत महिला टीम, कार्यक्रम मे सहभागिता हेतु उपस्थित दिल्ली सँ बाहरक टीम, मिथिला/बिहार सँ आएल टीम, दिल्ली/एनसीआर आ आन-आन ठामक क्षेत्रवार नवगठित टीम आदि केँ उत्साहवर्द्धन हेतु मंच सँ सम्मानित करब सेहो कार्यक्रमक आकर्षण रहल। उक्त आयोजन मे पीयर वस्त्र सँ सजल दर्शक दीर्घा सँ ल’ क’ मंच धरि मावलंकर हॉल मे बसंतक अनुभूति होइत रहल।

प्रायः सभ क्षेत्रक टीमक प्रतिनिधिक रूपमे स्थानीय अध्यक्ष केँ सम्मानित करैत अपन अनुभवक सन्दर्भ मे बजबाक अवसर देल गेल जाहिमे किछु सेनानी जत्तेक मेहनैत क’ रहल छलाह ततबा कहि नहि पाबि रहल छलाह,मुदा किछु सेनानी जे प्रखरता सँ अपन बात कहि गेला ताहिमे रणधीर झा,अविनाश भारद्वाज, सागर नवदिया आ टुन्ना जीक वक्तव्य बेस प्रभावी छल।

कार्यक्रमक सफल आयोजन हेतु मंच सँ दूर मुदा मंच व्यवस्था केँ सुव्यवस्थित करबामे निःस्वार्थ भाव सँ समर्पित सेनानी नितीश कर्ण आ एमएसयू दिल्ली प्रदेशक तत्कालीन अध्यक्ष प्रकाश मैथिलक संग देइत अभि आनंद,विक्की दूबे,धीरू मिश्रा, सचिन झा,विपिन झा,आलोक ठाकुर, राकेश झा,अशोक झा,सन्तन मैथिल,धीरज चौधरी,कविता झा, प्रशांत झा,मधुलता मिश्रा,प्रिया पुतुल झा,सोनी सूरज चौधरी,अमित झा, रंजीत झा, बिट्टू, गौतम, सुरेश मंडल, प्रवीण झा, उग्र नाथ झा सन-सन सैकड़ो युवा/युवतीक मेहनैत हॉलक व्यवस्था सँ ल’ क’ उपस्थित मैथिल लोकनिक मुँह पर प्रसन्नता देखिते बनैत छल।

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